नौकरी लगाने के नाम पर 8.95 लाख की ठगी, हिस्ट्रीशीटर आरोपी गिरफ्तार

जगदलपुर। बस्तर पुलिस ने नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने होमगार्ड और फॉरेस्ट गार्ड के पद पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर 4 लोगों से कुल 8 लाख 95 हजार रुपये लिए थे। ठगी के बाद आरोपी मोबाइल बंद कर फरार हो गया था।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान कृष्ण कुमार वैष्णव (38), निवासी आड़ावाल, थाना बोधघाट, जगदलपुर के रूप में हुई है। आरोपी खुद की होमगार्ड और वन विभाग में अच्छी पहचान होने का दावा करता था। लोगों का विश्वास जीतने के लिए वह उन्हें वर्दी भी दिखाता और नौकरी लगवाने का भरोसा देता था।

फोन-पे और नगद में लिए लाखों रुपये

मामले में मावलीगुड़ा निवासी नीरबत्ती कश्यप ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार आरोपी ने नीरबत्ती कश्यप से 1.50 लाख रुपये, परमेश्वर नेताम से 2.05 लाख रुपये, सरिता बघेल से 3.92 लाख रुपये और सोनधर कश्यप से 70 हजार रुपये लिए।

कुल 8.95 लाख रुपये लेने के बाद भी आरोपी ने किसी की नौकरी नहीं लगाई। इसके बाद शिकायतकर्ताओं को ठगी का पता चला।

मोबाइल बंद कर हुआ था फरार

शिकायत मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की और उसके आड़ावाल स्थित घर से उसे हिरासत में ले लिया।

पूछताछ में आरोपी ने नौकरी लगाने के नाम पर पैसे लेने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ पहले भी ठगी और मारपीट सहित 7 आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह हिस्ट्रीशीटर है। कई बार जेल जाने के बावजूद उसके आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहने की बात सामने आई है। पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को 14 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

कार्रवाई पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार धोत्रे के पर्यवेक्षण में की गई। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक लीलाधर राठौर, उपनिरीक्षक छबील तांडेकर सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।