मधोता के बाद लामकेर में भी बाघ की धमक, बैल का किया शिकार

० ग्रामीणों में दहशत, खेती किसानी पर असर 
०  जंगल से सटे गांवों में घबराहट, वन विभाग ने सतर्क रहने कहा 
जगदलपुर। बस्तर विकासखंड की ग्राम पंचायत मधोता के बाद अब ग्राम पंचायत लामकेर के जंगल में भी बाघ की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।लामकेर के जंगल में एक बैल का शिकार किए जाने की घटना सामने आने के बाद ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। इससे पहले मधोता के नकटामुंडा क्षेत्र में जंगली जानवर के पदचिन्ह मिलने से भी ग्रामीणों में भय बना हुआ है।


मिली जानकारी के अनुसार गत रात्रि लामकेर के जंगल क्षेत्र में एक बैल का किसी जंगली जानवर ने शिकार कर दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। वन विभाग के अधिकारी सूरज कुमार कश्यप के अनुसार बैल का शिकार बाघ द्वारा किया गया है। उन्होंने ग्रामीणों को सतर्क रहने और जंगल में अकेले नहीं जाने की सलाह दी है। गौरतलब है कि मधोता जंगल लामकेर से होते हुए बस्तर के विस्तृत जंगल क्षेत्र से सीधे जुड़ा हुआ है। जंगल का यह जुड़ाव जंगली जानवरों के आवागमन के लिए प्राकृतिक रास्ता उपलब्ध कराता है। ऐसे में मधोता में पदचिन्ह मिलने और इसके बाद लामकेर में बैल का शिकार होने की घटना से क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।वर्तमान में खेती-बाड़ी का सीजन चल रहा है। बड़ी संख्या में ग्रामीण सुबह से शाम तक खेतों में काम करने करते रहते हैं। कई खेत जंगल एवं झाड़ियों वाले क्षेत्रों से लगे हुए हैं। ऐसे में जंगली जानवर की मौजूदगी ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में काम करने के दौरान विशेष सावधानी बरतना जरूरी हो गया है।

गांव में कराई गई मुनादी
लामकेर के सरपंच लक्ष्मण कश्यप ने बताया कि ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए गांव में कोटवार से मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है। ग्रामीणों से कहा गया है कि वे अकेले जंगल की ओर न जाएं और विशेषकर सुबह-शाम खेतों एवं जंगल क्षेत्र में जाते समय सावधानी बरतें। सरपंच ने बताया कि खेती-बाड़ी के सीजन में ग्रामीणों का लगातार खेतों में आना-जाना हो रहा है, इसलिए जंगली जानवर की मौजूदगी को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।

अलर्ट मोड पर वन विभाग
वन विभाग के अधिकारी सूरज कुमार कश्यप के अनुसार घटना स्थल पर मिले साक्ष्यों और पद चिन्हों के आधार पर बैल का शिकार बाघ द्वारा किए जाने है की संभावना है। ग्रामीणों को जंगल में अकेले नहीं जाने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है। साथ ही बाघ की गतिविधियों को देखते हुए क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वन विभाग की टीम द्वारा घटना स्थल पर जांच एवं आवश्यक कार्रवाई जारी थी। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, सावधानी बरतें और बाघ अथवा किसी अन्य जंगली जानवर की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें।