देश तिरंगा लहराएगा, क्या संविदा शिक्षक भी टेंपरेरी से आजादी पाएगा?

0 स्वतंत्रता दिवस पर संविदा शिक्षकों की भावुक अपील 
0 भूमिका जैन ने कहा-संविदा की बेड़ियां खोलकर दें नियमित शिक्षक का अधिकार 
जगदलपुर। देश में आजादी के जश्न की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं, घर घर तिरंगा लहराने का बड़ा उपक्रम किया जा रहा है। वहीं हमारे समाज का एक तबका ऐसा भी है, जो अपने भविष्य की अनिश्चितता और अस्थायी नौकरी की बेड़ियों से मुक्त होने दशकों से छटपटा रहा है।
ये भावुक विचार सेजस मर्दापाल में पदस्थ सामाजिक विज्ञान की व्याख्याता भूमिका जैन के हैं। भूमिका जैन ने कहा है कि देश फिर तिरंगा लहरा कर आजादी का पर्व मनाएगा। ऐसे में व्याख्याता भूमिका जैन ने अपनी कविता के माध्यम से संविदा शिक्षकों और कर्मियों का दर्द सरकार एवं समाज के सामने कुछ इस तरह रखा है एक सवाल है मन में- क्या संविदा शिक्षक फिर आजाद कहलाएगा? बरसों से बच्चों का भविष्य संवारा, हर मौसम में अपना फर्ज निभाया। शिक्षा की अलख जगाने में अपना जीवन लगाया, लेकिन जब अपने भविष्य की बारी आई, तो किस्मत ने फिर इंतजार कराया। देश को आजादी मिली थी 15 अगस्त को, हमें भी उस दिन एक सौगात दे दो। संविदा की बेड़ियां खोलकर, हमें स्थायी शिक्षक होने का अधिकार दे दो। तिरंगा जब आसमान में लहराए, तो हमारी आंखें भी मुस्कुराएं। देश की आजादी का जश्न हम भी पूरे गर्व से मनाएं।
भूमिका जैन ने कहा कि इस स्वतंत्रता दिवस पर सरकार से हमारी बस यही मांग है कि वर्षों से शिक्षा व्यवस्था में अपना योगदान दे रहे संविदा शिक्षकों के भविष्य पर भी विचार किया जाए और उन्हें संविदा से नियमित शिक्षक बनने की आजादी दी जाए।