रायपुर। भगवान शिव को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम के अध्यक्ष अरुण पन्नालाल को अदालत से राहत नहीं मिली। जमानत याचिका खारिज होने के बाद उन्हें 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
मामले में भाजपा पदाधिकारियों की शिकायत पर सिविल लाइन थाने में अरुण पन्नालाल और हंसराज गोयल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने अरुण पन्नालाल को गिरफ्तार करने के बाद बुधवार को सीजीएम आनंद सिंह की अदालत में पेश किया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी और उन्हें 21 अगस्त तक न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश दिया।
पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने संबंधी पोस्ट सामने आने के बाद सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर साक्ष्य जुटाए गए और जांच शुरू की गई।
DCP सेंट्रल तारकेश्वर पटेल ने बताया कि मामले की जांच में साइबर सेल की भी मदद ली जा रही है। सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, मामले में हंसराज गोयल के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस उसकी सोशल मीडिया आईडी और अन्य संबंधित जानकारी जुटा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विवेचना के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।