बच्चों की जान को खतरे में डाला बीएसपी नगर प्रशासन विभाग ने

०  हाई वोल्टेज का अर्थिंग तार को डीएवी स्कूल के गेट से बांधा
दल्लीराजहरा। भिलाई इस्पात संयंत्र राजहरा खदान समूह के नगर प्रशासन विभाग की लापरवाही से राजहरा माइंस स्थित डीएवी इस्पात सीनियर सेकंडरी पब्लिक स्कूल के सैकड़ों बच्चों की जान खतरे में पड़ गई है। स्कूल के लोहे मुख्य गेट से हाई वोल्टेज लाइन का अर्थिंग तार को बांध दिया गया है। बारिश में जरा सी चूक और पूरा गेट करंट की जद में आ सकता है।


आप तस्वीर में साफ देख सकते हैं कि स्कूल के बोर्ड के ठीक नीचे से पतला तार निकल कर स्कूल के लोहे के गेट से जुड़ा है। यह अर्थिंग का तार है। नियम के अनुसार अर्थिंग तार को सीधे जमीन में गाड़ा जाना चाहिए, न कि भीड़ वाले स्कूल गेट से बांध दिया गया है। इस स्कूल में 1000 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं। सुबह और छुट्टी के समय गेट पर भारी भीड़ रहती है। बच्चे बैग, छाते और हाथ से गेट को छूते हैं। अगर लाइन में फॉल्ट आया या अर्थिंग फेल हुई तो पूरा गेट हाई वोल्टेज से भर जाएगा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बीएसपी विद्युत विभाग ने काम आसान करने के लिए अर्थिंग तार को पास में मिले गेट से ही बांध दिया। कई बार मौखिक शिकायत के बाद भी इसे नहीं हटाया गया।

हादसे का इंतजार है ?
मानसून में गेट, दीवार और जमीन गीली रहती है। ऐसे में करंट लगने का खतरा 10 गुना बढ़ जाता है। कोई भी व्यक्ति इस गेट को छू ले तो यह उसके लिए जानलेवा साबित हो सकता है। पालक संघ और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि 12 घंटे के अंदर अर्थिंग तार को गेट से हटाकर नियमानुसार जमीन में शिफ्ट किया जाए गेट के आसपास बैरिकेड और “खतरा – हाई वोल्टेज” का बोर्ड लगाया जाए। लापरवाह अधिकारियों और बीएसपी प्रबंधन पर कार्रवाई हो। शिक्षा के मंदिर के गेट को ही “मौत का फंदा” बना देना बीएसपी नगर प्रशासक की सबसे बड़ी नाकामी है। बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं। प्रशासन अब भी चेते वरना एक हादसा पूरे शहर को झकझोर देगा।