जगदलपुर। केंद्र सरकार की रैंप योजना के अंतर्गत बस्तर क्लस्टर भवन पंडरी पानी में व्यवसाय विकास एवं डिजीटल इंटीग्रेशन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार तथा राज्य शासन की उद्यमिता प्रोत्साहन पहलों के तहत सीएसआईडीसी, रायपुर के बैनर तले चॉइस कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आयोजित किया गया।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों तथा स्वयं सहायता समूहों को व्यवसाय विकास सेवाओं, डिजिटल तकनीकों, ई-कॉमर्स, ऑनलाइन मार्केटिंग एवं सरकारी डिजीटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर उनके व्यवसाय को अधिक प्रतिस्पर्धी एवं बाजारोन्मुख बनाना था।इस कार्यक्रम में 40 उद्यमियों, लघु उद्यमियों एवं स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को व्यवसाय विकास, डिजीटल मार्केटिंग, सोशल मीडिया प्रमोशन, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन भुगतान प्रणाली, वित्तीय प्रबंधन, सरकारी योजनाओं, ऋण सुविधाओं तथा व्यवसाय विस्तार की रणनीतियों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रतिभागियों ने अचार, बड़ी, पापड़, मसाले, पारंपरिक छत्तीसगढ़ी खाद्य उत्पाद एवं अन्य स्थानीय उत्पादों के विपणन हेतु डिजीटल माध्यमों के उपयोग में विशेष रुचि दिखाई।समापन अवसर पर व्यवसाय की गुणवत्ता, उत्पाद विकास, ब्रांडिंग, पैकेजिंग तथा बाजार विस्तार के महत्वपूर्ण पहलुओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने प्रतिभागियों को उपलब्ध स्थानीय संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए डिजिटल माध्यमों के जरिए अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने एवं आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने तथा अधिक व्यावहारिक एवं डिजिटल आधारित सत्र शामिल करने की अपेक्षा व्यक्त की। कार्यक्रम के सफल आयोजन में मास्टर ट्रेनर चेतन चंद्राकर जिला समन्वयक अजय कुमार साहू और अध्यक्ष सविता देवांगन पत्रिका पटेल एवं सुमन सेठिया का विशेष योगदान रहा। अंत में चॉइस कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की ओर से सभी प्रतिभागियों, अतिथियों एवं सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया।