बालोद। जिले में वन अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंगारी गांव में एक मकान पर छापेमारी की। संयुक्त टीम ने कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में सागौन के चिरान और लकड़ी के गोले बरामद किए, जिन्हें जब्त कर विभागीय काष्ठागार भेज दिया गया है। मामले में वन विभाग ने जांच तेज कर दी है और लकड़ी के स्रोत का पता लगाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, बालोद वनमंडल और राज्य उड़न दस्ता की संयुक्त टीम ने बालोद वन परिक्षेत्र के अंगारी गांव में कार्रवाई की। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में कीमती सागौन की लकड़ी मिली, जिसे दो माजदा वाहनों में भरकर वन विभाग के काष्ठागार पहुंचाया गया। जब्त लकड़ी की मात्रा और बाजार मूल्य का आकलन किया जा रहा है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बरामद लकड़ी में सागौन के चिरान और गोले शामिल हैं। वन विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि लकड़ी किस क्षेत्र से लाई गई, किस आरा मिल में इसकी कटाई कराई गई और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
डीएफओ अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि जब्त लकड़ी की गणना की जा रही है। जांच के दौरान मकान में सागौन की लकड़ी से बने कुछ फर्नीचर भी मिले हैं। यदि ये फर्नीचर अवैध रूप से प्राप्त लकड़ी से तैयार किए गए पाए जाते हैं तो उनके संबंध में भी वन अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि अवैध लकड़ी के कारोबार और वन संपदा की तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।