0 बालाजी मंदिर में भव्य कार्यक्रम का आयोजन
जगदलपुर। शहर के बालाजी मंदिर में देवशयनी एकादशी के अवसर पर भगवान का दुग्धाभिषेक संपन्न हुआ। भगवान गणेश, भगवान बालाजी, माता श्रीदेवी- भूदेवी, गरूड़ देव सहित दशावतार प्रतिमाओं का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भक्तों ने दूध से अभिषेक किया। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने चांदी और लक्ष्मी कलशों से भगवान का अभिषेक किया।
बता दें कि सनातन धर्म में आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर मनाई जाने वाली देवशयनी एकादशी का विशेष महत्व है। इसी दिन श्रीहरि विष्णु चार माह के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। ऐसे में अगर भक्त इस दिन व्रत और पूजा करते हैं, तो वे भगवान की विशेष कृपा के पात्र बनते हैं। पौराणिक मान्यता अनुसार इस दिन श्रीहरि विष्णु क्षीरसागर में शेषनाग की शैया पर योगनिद्रा में प्रवेश करते हैं। इसी के साथ चातुर्मास की शुरुआत हो जाती है, जो देवउठनी एकादशी तक चलती है। श्री बालाजी मंदिर के मुख्य पुजारी श्रीकांत आचार्य ने इस अवसर पर भक्तों को बताया कि इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाएंगे। देवशयनी एकादशी पर पूजा और व्रत के साथ दान-पुण्य करना भी शुभ माना जाता है। इस दिन जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, जल या दक्षिणा का दान करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होने की मान्यता है। सुबह से प्रारंभ हुए अभिषेक विधान के पश्चात मंदिर परिसर में भक्तों को भोजन प्रसाद वितरित किया गया। तोलि एकादशी पूजा विधान में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस दौरान श्री बालाजी मंदिर ट्रस्ट एवं बस्तर जिला आंध्र समाज के वालिंटियर्स सेवा कार्य में जुटे रहे।