रायपुर। नए निवेश के सरकारी दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि 8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव केवल कागजी है, तथ्यहीन है, सरकारी इवेंट तक ही सीमित हैं, पिछले ढाई साल में ज़मीनी स्तर पर कोई बड़ा उद्योग स्थापित नहीं हुआ। इस सरकार की गलत नीतियों की वजह से छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में स्पंज आयरन, रोलिंग मिल और राइसमिल सहित सैकड़ों मौजूदा पारंपरिक माध्यम और छोटे उद्योग बंद हो गए हैं और हजारों बंदी के कगार पर हैं। स्थानीय कारोबारियों को सरकार द्वारा कोई राहत और रियायत नहीं दी जा रही है। निजी क्षेत्रों में रोजगार तेजी से घट रहे हैं, बेरोजगारी बढ़ी है, स्थानीय उद्योग व्यवसाय खस्ताहाल है, सरकार केवल अपने चहेते कॉर्पाेरेट घरानों को फायदा पहुंचाने और थोथे प्रचार पर जनता का पैसा खर्च रही है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि यह सरकार अपनी अक्षमता छुपाने के लिए केवल फर्जी और भ्रामक दावे करती है। पिछले दिनों हैदराबाद में आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट में 9580 करोड़ के निवेश प्रस्ताव के दावे किए गए आया कुछ नहीं। मुख्यमंत्री जापान और दक्षिण कोरिया घुम आए, डिप्टी सीएम अरुण साव और वित्त मंत्री ओपी चौधरी अमेरिका गए, औद्योगिकरण और नए निवेश के लिए विदेशी उद्यमियों को आमंत्रित करने के बड़े बड़े दावे किए गए लेकिन नतीजा शून्य रहा। जमीनी हकीकत सरकार के दावे के विपरीत है, नए उद्योग लगना तो दूर भाजपा सरकार की दुर्भावना पूर्वक नीतियों के चलते पहले से संचालित उद्योग दम तोड़ रहे हैं। भाजपा सरकार को बताना चाहिए कि छत्तीसगढ़ में जून 2025 तक 18940 पंजीकृत कम्पनियां संचालित थी, जिसमें से 4288 कम्पनियां बंद क्यों हो गई? यहां पूर्व में संचालित स्पंज आयरन, रोलिंग मिलें, राइस मिल, सहकारी शक्कर कारखाने, एथेनॉल प्लांट सरकार की उपेक्षा और उद्योग विरोधी नीतियों के चलते बंद हो गए हैं। सरकार को यह भी बताना चाहिए कि विगत ढ़ाई साल में कितने अस्पताल, फार्मा उद्योग और ट्रैवल कंपनीया बंद हुए हैं?
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि इससे पहले सितंबर 2025 में वेलनेश, हेल्थ केयर और पर्यटन के क्षेत्र में 7 लाख करोड़ के नए निवेश और नवंबर 2025 में गुजरात से 33000 करोड़ निवेश प्रस्ताव का झूठा दावा किया गया था, नए निवेश के मामले में चवन्नी नहीं आया है। भाजपा सरकार को प्रदेश की जनता को गुमराह कर रही है, सरकार के मुखिया और मंत्री निवेश लाने की बात करते हैं, लेकिन निवेशकों का भरोसा जीत क्यों नहीं पा रहे हैं? अमेरिका, जापान और कोरिया से सेमीकंडक्टर इलेक्ट्रॉनिक आइटम आईटी, एआई, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल एवं खाद्य प्रसंस्करण में नई निवेश होने का दावा किया था। लेकिन अब तक कोई भी विदेश के निवेशक छत्तीसगढ़ क्यों नहीं आए? बस्तर में इन्वेस्टर कनक्वे 967 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्ताव आया था कितने निवेशक आए? नए निवेशक कौन है? काम शुरू किसने किया है?
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में कृषि और वनोपज प्रसंस्करण, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स में बेहतर काम पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के समय हुआ था, प्रदेश ने औद्योगिक उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभाई। सीमेंट और स्टील के उत्पादन में नए कीर्तिमान रचे गए लेकिन भाजपा की सरकार बनते ही विगत ढ़ाई साल के दौरान पांच-पांच बार बिजली के दाम बढ़ा दिए गए। आज हालात यह है कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ में औद्योगिक बिजली की दरें हमारे पड़ोसी राज्य उड़ीसा, झारखंड और मध्य प्रदेश की तुलना में छत्तीसगढ़ के उद्योगों को डेढ़ गुना अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। कांग्रेस सरकार के दौरान बनाए गए उद्योगनीति को दुर्भावना पूर्वक बदल दिया जिसके चलते प्रदेश में संचालित स्थानीय उद्योग व्यवसाय दम तोड़ने लगे हैं। एक तरफ यह सरकार छत्तीसगढ़ के स्थानीय उद्योग, लघु तथा कुटीर उद्योग और गौठानो में संचालित रूरल इंडस्ट्रियल पार्क “रीपा“ परियोजना को बर्बाद करने में तुली हुई है दूसरी तरफ बाहरी उद्यमियों को आमंत्रित करने का ढोंग कर रहे हैं।