जगदलपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को आयोजित विशेष लोक अदालत में आपसी सुलह और समझौते के आधार पर बड़ी संख्या में मामलों का निराकरण किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा भी मौजूद रहे।
विशेष लोक अदालत का शुभारंभ मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने वर्चुअल माध्यम से राज्य के सभी जिलों में किया। इस दौरान जगदलपुर जिला न्यायालय परिसर में जिला एवं सत्र न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश गोविंद नारायण जांगड़े सहित अन्य न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।
लोक अदालत में विशेष रूप से धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 से जुड़े मामलों की सुनवाई की गई। प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए कुल 6 खंडपीठों का गठन किया गया था, जिसमें सुलहकर्ता सदस्यों के रूप में पैनल अधिवक्ताओं की नियुक्ति की गई थी। आयोजित विशेष लोक अदालत में कुल 333 प्रकरण रखे गए, जिनमें से 61 मामलों का पक्षकारों के बीच आपसी सहमति और समझौते के आधार पर निराकरण किया गया। इन प्रकरणों में कुल 1 करोड़ 47 लाख 27 हजार 730 रुपये की राशि पर राजीनामा किया गया।
प्रवास के दौरान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने जिला न्यायालय परिसर का निरीक्षण भी किया। उन्होंने न्यायालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और हरियाली बढ़ाने की दिशा में लोगों को प्रेरित किया।