बस्तर के रेशम कीट पालक अब नई तकनीक से करेंगे ककून उत्पादन में वृद्धि

0 डूमरतरई के 150 से अधिक कृषकों को लाभ, कोसा उत्पादन बढ़ाने के लिए दी सहमति 
जगदलपुर। केंद्रीय रेशम बोर्ड, क्षेत्रीय रेशम अनुसंधान केंद्र एवं बेसिक सीड मल्टीप्लिकेशन एंड ट्रेनिंग सेंटर बस्तर द्वारा मंगलवार को डूमरतराई, नारायणपुर में किसानों के लिए एक कृषक क्षेत्र भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. अरविंद कुमार एस., वैज्ञानिक-बी ने ककून उत्पादन में वृद्धि हेतु नवीन तकनीकों की जानकारी दी। डॉ. प्रवीण रेड्डी, वैज्ञानिक-बी, बस्तर ने ग्रेनेज गतिविधियों के प्रभावी प्रबंधन पर विस्तार से प्रकाश डाला। सुनील कुमार परिछा, वरिष्ठ तकनीकी सहायक ने किसानों को जीवन सुधा एवं एलएसएम के उपयोग का प्रदर्शन कर उनके लाभों की जानकारी दी। ताहिर सिद्दीकी, वरिष्ठ तकनीकी सहायक ने ग्रेनेज गतिविधियों से संबंधित तकनीकी जानकारी दी। कार्यक्रम में स्थानीय क्षेत्र के 105 महिला एवं पुरुष किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। राज्य रेशम विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याएं एवं शंकाएं विशेषज्ञों के समक्ष रखीं, जिनका वैज्ञानिकों द्वारा तकनीकी समाधान किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को नवीनतम तकनीक अपनाकर रेशम उत्पादन एवं कार्य गतिविधियों में सुधार करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का संचालन एसके परिछा, क्षेत्रीय रेशम अनुसंधान केंद्र, द्वारा किया गया।

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