दंतेवाड़ा। जिले के बंजारिन घाट में सड़क दुर्घटना के बाद कथित प्रताड़ना से आत्महत्या करने वाले ट्रक चालक ताम्रध्वज साहू के मामले में अब पीड़ित परिवार ने पुलिस जांच पर सवाल उठाए हैं। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने केवल मुख्य आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया, जबकि घटना में शामिल अन्य लोगों को जांच के दायरे में नहीं लिया गया। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और सभी दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, महासमुंद जिले के बागरपाली निवासी ताम्रध्वज साहू 11 मई को माल लेकर गीदम की ओर जा रहे थे। इसी दौरान बंजारिन घाट में उनके ट्रक और एक लग्जरी कार के बीच टक्कर हो गई। हादसे में कार को मामूली नुकसान पहुंचा। आरोप है कि इसके बाद कार सवार लोगों ने चालक के साथ मारपीट की और उस पर भारी रकम की भरपाई का दबाव बनाया, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गया।
परिजनों का कहना है कि घटना के बाद ताम्रध्वज ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर अपनी आपबीती बताई थी। बाद में उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के परिजनों का दावा है कि उसने वीडियो में कई लोगों द्वारा मारपीट और धमकी दिए जाने का उल्लेख किया था। उनका यह भी आरोप है कि सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए कुछ वीडियो बाद में हटा दिए गए, जिसकी भी जांच होनी चाहिए।
मृतक की मां और अन्य परिजनों का कहना है कि उन्होंने मामले की लिखित शिकायत पुलिस को दी थी, लेकिन अब तक केवल कार मालिक के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण का मामला दर्ज किया गया है। उनका आरोप है कि घटना में शामिल अन्य लोगों से न तो गंभीर पूछताछ की गई और न ही उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की गई। परिवार ने यह भी सवाल उठाया कि दुर्घटना में शामिल वाहन को भी जब्त नहीं किया गया।
मृतक के परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच, सभी संदिग्ध लोगों की भूमिका की जांच और डिजिटल साक्ष्यों, विशेषकर सोशल मीडिया से हटाए गए वीडियो की फोरेंसिक जांच कराने की मांग की है।