० भाजपा ने देवद्रव्य चोरी करने के महापाप का संरक्षण किया है
रायपुर। भाजपा राम द्रोही है, उसने पहले चंदा में हेराफेरी करवाया अब चढ़ावा में चोरी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा ने राम मंदिर के निर्माण के समय रामशिला पूजन के नाम से जो 14000 करोड़ रू. से अधिक राशि एकत्रित हुआ था। उसका जवाब आरएसएस एवं भाजपा के लोग नहीं दे पाये। उनके ही सहयोगी नेताओं ने ही राम मंदिर निर्माण के समय एकत्रित किये चंदे का आरोप लगाया था। जिन लोगों ने मंदिर बनाने के नाम पर चंदा में हेराफेरी किया था वही लोग मंदिर बनने के बाद चढ़ावे में हेराफेरी करने लगे, इन सबकी पृष्ठ भूमि आरएसएस और भाजपा की रही है। कहा जा सकता है इन घोटालों को आरएसएस भाजपा का संरक्षण रहा है। भाजपा ने देवद्रव्य चोरी करने के महापाप का संरक्षण किया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि राम मंदिर न्यास ट्रस्ट का गठन गृहमंत्री अमित शाह ने किया था इसलिए वहां पर घोटाले की नैतिक जिम्मेदारी मोदी और शाह की बनती है। अगस्त 2020 में ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट ने स्वयं स्वीकार किया कि उसके 15 में से 12 सदस्य प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संसद में ट्रस्ट गठन की घोषणा के बाद नामित किए गए थे। ट्रस्ट की संरचना की घोषणा गृह मंत्री अमित शाह ने की थी, इसे एक स्वतंत्र ट्रस्ट बताया गया था।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि 3500 करोड़ से अधिक चंदा, लेकिन हिसाब कहां है? ट्रस्ट के गठन के बाद अब तक लगभग 3500 करोड़ रू. नकद दान प्राप्त होने का अनुमान है। इसके अतिरिक्त सोना, चांदी, आभूषण और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं भी बड़ी मात्रा में दान की गई। लेकिन ट्रस्ट की वेबसाइट पर दान प्रबंधन की कोई SOP नहीं। कोई Internal Audit Report उपलब्ध नहीं। 2020 की ऑडिट रिपोर्ट ने पहले ही बजा दी थी खतरे की घंटी, 2020 की एक निजी ऑडिट रिपोर्ट ने ट्रस्ट के प्रबंधन को ‘‘बेहद गैर-पेशेवर’’ बताया था।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ को तत्काल भंग किया जाए और उसकी जगह शंकराचार्यों, धर्माचार्यों, संतों एवं विभिन्न धार्मिक प्रतिनिधियों को शामिल कर नया ट्रस्ट बनाया जाए। उत्तर प्रदेश सरकार की एसआईटी पर जनता का भरोसा पूरी तरह खत्म हो चुका है। पूरे मामले की स्वतंत्र जांच सर्वोच्च न्यायालय के किसी वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए। राम मंदिर के लिए प्राप्त नगद, सोना, चांदी, आभूषण और अन्य सभी प्रकार के दानों का पूरा सार्वजनिक हिसाब जारी किया जाए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी चुप्पी तोड़ें और देश को जवाब दें। जिन व्यक्तियों पर प्रथम दृष्टया आरोप बनते हैं, उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए। केवल ड्राइवरों, क्लकों और छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाकर बड़े लोगों को बचाने की प्रवृत्ति तुरंत बंद हो।