
0 रिहाई के लिए आवाज उठाई मंडावी ने
0 विधायक मंडावी ने मानसून सत्र से पहले मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
(अर्जुन झा) जगदलपुर। बस्तर संभाग में ऐसे पचासों आदिवासी हैं, जिन्हे कई साल पहले नक्सली सहयोग के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। ये आदिवासी सालों से जेलों में खट रहे हैं, वहीं सैकड़ों वास्तविक नक्सलियों को माफीनामा देकर उनका पुनर्वास किया गया है। इस आधार पर बीजापुर के विधायक विक्रम शाह मंडावी ने छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने से पहले निरीह आदिवासियों के हित में बड़ी आवाज उठाई है। श्री मंडावी ने नक्सली मामलों में वर्षों से जेलों में बंद निर्दोष आदिवासियों को रिहा करने की मांग करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को लिखे पत्र में विधायक विक्रम शाह मंडावी ने कहा है कि बस्तर संभाग आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है और बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर जिले नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहे हैं। जिसके चलते नक्सलियों का सहयोग करने के आरोप में सैकड़ों गरीब, निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों को बस्तर संभाग की जेलों में डाल दिया गया है। ये लोग कई वर्षों से जेलों में बंद है। आदिवासी ग्रामीण कम पढ़े-लिखे होने और आर्थिक पारेशानी के कारण न्यायालय तक नही जा पाते हैं जिससे जेलों में बंद निर्दोष आदिवासी रिहा नही हो पा रहे हैं। विधायक विक्रम शाह मंडावी ने अपने पत्र में आगे कहा है कि वर्तमान में बस्तर नक्सल मुक्त हो चुका है। हथियारबंद आत्मसर्मपण करने वाले खतरनाक श्रेणी के नक्सलियों को भी पुनर्वास नीति के तहत सरकार ने माफी दी है। ऐसे में जो निर्दोष आदिवासी नक्सली मामलों में वर्षों से जेलों में बंद है उन्हें भी माफी देते हुए जेल से रिहा किया जाए। बताया गया है कि विधायक विक्रम शाह मंडावी विधानसभा के आगामी मानसून में भी इस मुद्दे को उठाने वाले हैं।