बीजागुड़ा में जनपद सदस्य खेमेश्वरी कश्यप ने बच्चों को पिलाई पोलियो रोधी दवा

0  बीएमओ डॉ. हरीश मरकाम के नेतृत्व में चला व्यापक अभियान 

बकावंड। विकासखंड बकावंड में विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरीश मरकाम के नेतृत्व में पल्स पोलियो अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष तक की आयु के बच्चों पोलियो रोधी दवा पिलाने का अभियान सफलतापूर्वक संचालित किया गया। ग्राम पंचायत रायकेरा देवड़ा के बीजागुड़ा पारा में 28 जून को पल्स पोलियो दिवस पर ड्रॉप पिलाने का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में क्षेत्र क्रमांक 18 की जनपद सदस्य खेमेश्वरी कश्यप द्वारा बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान की शुरुआत की गई। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद रहे।कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करते हुए बताया गया कि पोलियो एक खतरनाक और जानलेवा बीमारी है, जो बच्चों को जीवनभर के लिए अपंग बना सकती है। इसका कोई स्थायी इलाज नहीं है, इसलिए बचाव ही इसका एकमात्र उपाय है। विशेषज्ञों ने कहा कि हर बार पोलियो अभियान के दौरान बच्चों को खुराक पिलाना बेहद जरूरी है, क्योंकि बार-बार दी जाने वाली पोलियो की बूंदें बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाती हैं और उन्हें वायरस से सुरक्षित रखती हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि चाहे बच्चे को पहले भी पोलियो की दवा पिलाई जा चुकी हो, तो भी हर अभियान में दो बूंद जरूर पिलानी चाहिए। यह अतिरिक्त सुरक्षा कवच का काम करती है और पोलियो उन्मूलन के राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में मददगार साबित होती है।जनपद सदस्य श्रीमती कश्यप ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य के लिए हर माता-पिता का दायित्व है कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को समय पर पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि गांव-गांव जाकर बच्चों को सुरक्षा प्रदान करना एक महत्वपूर्ण सामाजिक जिम्मेदारी है। अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने घर-घर पहुंचकर लोगों को जागरूक किया और बताया कि पोलियो मुक्त भारत का सपना तभी साकार होगा, जब हर बच्चा हर बार पोलियो की खुराक लेगा। ग्रामीणों ने भी इस अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई और स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों का समर्थन किया। दो बूंद जिंदगी की केवल एक नारा नहीं, बल्कि बच्चों के सुरक्षित भविष्य की गारंटी है। इसलिए आइए संकल्प लें कि पोलियो जैसी बीमारी को हमेशा के लिए खत्म करने में अपनी भागीदारी निभाएं और हर बच्चे तक पोलियो की दवा पहुंचाएं।

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