सरकार स्मार्ट मीटर वापस ले – कांग्रेस

रायपुर। कांग्रेस ने मांग किया है कि सरकार स्मार्ट मीटर वापस ले। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि स्मार्ट मीटर के कारण बिजली की खपत से ज्यादा रीडिंग आ रही है। जनता परेशान है। इस माह लोगों का बिल तीन गुना तक बढ़कर आया है। सभी घरों में स्मार्ट मीटर लगाकर अधिक वसूली कर रहे है। अधिक मुनाफाखोरी के लालच में यह सरकार अनाप-शनाप बिजली बिल वसूलने के लिए नए नए पैंतरे अपना रही है।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि स्मार्ट मीटर आम आदमी के गले का फास बन गया है। हर जगह बिजली उपभोक्ताओं की शिकायत है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से उनकी खपत वास्तविक खपत से अधिक बताई जा रही है, स्मार्ट मीटर सामान्य मीटर की तुलना में बहुत तेजी से चल रहा है। बिजली उपभोक्ताओं का यह अधिकार है कि अपनी वास्तविक खपत को जान सके। चेक मीटर का प्रावधान पहले से ही था, लेकिन यह सरकार अपनी लूट पर परदेदारी करने के लिए चेक मीटर लगाने और मीटर चेक करवाने उपभोक्ताओं से 1000 और 1500 रुपए शुल्क लेने का प्रावधान कर दिया गया है, यदि मीटर में गड़बड़ी का आरोप उपभोक्ता लगा रहे हैं, तो उसे मुफ्त में चेक किया जाए, किसी भी तरह से अतिरिक्त शुल्क अनुचित है। यह प्रावधान सरकार ने गड़बड़ी छुपाने के लिये किया है।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने के बाद लगातार पांचवी बार बिजली के दाम बढ़ाये गये है। पहले से ही बिजली के बेतहाशा बिल जनता की परेशानी का कारण बने हुये है। सरकार उसमें राहत देने के बजाय बिजली के दामो में बढ़ोत्तरी कर रही है। हाल ही में भाजपा सरकार ने बिजली के दामों में 12 प्रतिशत विद्युत ईधन अधिभार (एमपीपीएस) के रूप में बढ़ोत्तरी किया था। भाजपा की सरकार आने के बाद अभी तक 31.23 प्रतिशत बिजली के दाम बढ़ाये गये है। कांग्रेस की सरकार ने 5 साल में केवल 2 पैसे की बढ़ोत्तरी बिजली के दामों में किया था, उसमें भी 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना लागू थी। जून माह में 45 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं का बिजली बिल औसत से तीन गुना आया है। जनता बढ़े बिजली बिल से परेशान हो गयी है। सरकार 24 घंटे बिजली नहीं दे पा रही ऊपर से अनाप-शनाप बिजली बिल भेज रही है। जनता बिजली कटौती से परेशान है। भाजपा सरकार जनता को राहत देने के बजाय जनता को लूटने में लगी है।

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