0 जैन के गृह वार्ड में कांग्रेस की ऐतिहासिक जीत
जगदलपुर। नगर निगम जगदलपुर के इंदिरा वार्ड के उप चुनाव के नतीजे आज आ गए। यह पूर्व विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन का गृह वार्ड है और यहां से कांग्रेस प्रत्याशी रामकृष्ण तिवारी ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है। यह नतीजा रेखचंद जैन की मिलनसारिता, लोकप्रियता और सर्वमान्यता का सुफल है। विपक्षी भाजपा उम्मीदवार को जितने वोट मिले हैं, उससे कहीं ज्यादा जीत का अंतर कांग्रेस के रामकृष्ण तिवारी का है।
यह उप चुनाव भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल था, क्योंकि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव इसी नगर के निवासी और यहां के विधायक भी हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने के बावजूद रेखचंद जैन ने कांग्रेस पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा में कमी नहीं आने दी।वे लगातार पार्टी और क्षेत्र की जनता की सेवा करते आ रहे हैं। उनकी मिलनसारिता, व्यवहार और मृदुभाषिता की कोई मिसाल नहीं है। यही वजह है कि आज भी जगदलपुर और क्षेत्र के गांवों में उनकी लोकप्रियता शिखर पर है। इंदिरा वार्ड के उप चुनाव में पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कांग्रेस प्रत्याशी रामकृष्ण तिवारी की जीत सुनिश्चित करने के लिए लगातार वार्डवासियों के संपर्क में रहे। श्री जैन की अपील को वार्ड के मतदाताओं ने सर आंखों पर लिया और श्री तिवारी के पक्ष में खुलकर मतदान किया। भाजपा प्रत्याशी को महज 378 वोट ही मिल पाए, जबकि कांग्रेस के रामकृष्ण तिवारी 436 वोटों से जीते हैं। वार्ड से कांग्रेस की जीत में पूर्व विधायक रेखचंद जैन की भूमिका से सभी कांग्रेस कार्यकर्ता अब अवगत हो चुके हैं। सुलझी बातें, विनम्र आचरण, निष्कलंक छवि, कार्यकर्ताओं को सिर आंखों पर रखना रेखचंद जैन की बड़ी खासियतें हैं। वार्ड के उप चुनाव में रेखचंद जैन ने सियासी हवा का रुख बदल डाला। उनकी मौजूदगी से उत्साहित कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में तन मन से काम किया और कांग्रेस प्रत्याशी श्री तिवारी की एकतरफा जीत हुई। इस उप चुनाव ने यह भी साबित कर दिया है कि कांग्रेस के लिए रेखचंद जैन की मौजूदगी कितनी जरूरी है।
इंदिरा वार्ड पूर्व विधायक रेखचंद जैन का गृह वार्ड है जहां उनके चाहने वालों की कमी नहीं है। हार जीत का आंकड़ा देखें तो भाजपा प्रत्याशी को महज 378 वोट ही मिले हैं, वहीं कांग्रेस ने 436 वोट से विजय हासिल की है। यहां कुल करीब 1280 वोट पड़े थे। रेखचंद जैन ने आज दिखा दिया कि सुलझी हुई राजनीति से बाजी कैसे पलट दी जाती है और जीत ली जाती है।