0 स्वास्थ्य मंत्री बताये विभाग में मोटी तनख्वाह में सलाहकार की नियुक्ति क्यों की गई? क्या विभागीय तकनीकी विशेषज्ञों पर भरोसा नहीं?
रायपुर। स्वास्थ्य विभाग में ठेका से सलाहकर की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुये प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल से पूछा स्वास्थ्य सेवा संचालनालय, चिकित्सा शिक्षा विभाग एवं छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉरपोरेशन में आखिर अलग से ठेका में सलाहकर रखने की आवश्यकता क्यों पड़ी? किसको खुश करने सरकारी खजाने से सवा करोड़ रु. महीना सलाहकारों के वेतन में खर्च किया जा रहा है? जबकि स्वास्थ्य विभाग में योजनाओं की निगरानी, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, आईटी सपोर्ट, सप्लाई चैन मैनेजमेंट, वित्तीय प्रबंधन, डेटा एनालिसिस, इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग के लिये अलग-अलग शाखा है। विभाग में ही पूर्व से तकनीकी एवं अन्य विषयों के जानकार कार्यरत है। ऐसे में आखिर दो से चार लाख रु. महीना वेतन के निजी सलाहकार क्यों रखा गया है? सलाहकार का वेतन स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से ज्यादा है। ये तो सीधा-सीधा संघ समर्थकों को पोषित करने की योजना है। स्वास्थ्य मंत्री तत्काल इन ठेका सलाहकारों की नियुक्ति पर रोक लगाये।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश को संघी समर्थकों के लिए चारागाह बना दिया है। सरकारी खजाने को संघियों पर लुटाया जा रहा है। जनता को सरकारी अस्पतालों में दवा, डॉक्टर, चिकित्सा की सुविधा नहीं मिल रही है। मरीज ईलाज के लिए तड़प रहे है। मेडिकल कॉलेज के छात्रों को स्टायफण्ड नहीं मिल रहा है। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है, वो परेशान होकर नौकरी छोड़ रहे है। स्वास्थ्य मंत्री मोटी वेतन में विभागीय सलाहकार नियुक्त कर रहे है। कांग्रेस मांग करती है स्वास्थ्य विभाग में नियुक्त 33 ठेका सलाहकारों को तत्काल हटाया जाये।