बस्तर। प्रदेश में गहराते खाद संकट को लेकर छत्तीसगढ़ विधानसभा के उप नेता प्रतिपक्ष एवं बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर डीएपी और यूरिया खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है, जिससे खेती-किसानी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
लखेश्वर बघेल ने आरोप लगाया कि सरकार एक ओर कृषि और किसान हितैषी योजनाओं के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर किसान खाद के लिए परेशान हैं और सहकारी समितियों तथा वितरण केंद्रों के बाहर लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं।
उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन के महत्वपूर्ण समय में खेतों की बुवाई और अन्य कृषि कार्य तेजी से चल रहे हैं, लेकिन खाद की कमी के कारण किसान गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। कई स्थानों पर किसानों को आवश्यक मात्रा में डीएपी खाद नहीं मिल पा रही है, और उन्हें सीमित मात्रा में खाद देकर लौटाया जा रहा है।
विधायक ने आरोप लगाया कि इस स्थिति के कारण किसानों को खेती कार्यों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक अव्यवस्था नहीं बल्कि किसानों के साथ अन्याय है।
उन्होंने आगे कहा कि पहले से ही किसान मौसम की अनिश्चितता और बढ़ती लागत से जूझ रहे हैं, ऐसे में खाद की कमी उनकी समस्याओं को और बढ़ा रही है। यदि समय पर आवश्यक उर्वरक उपलब्ध नहीं कराए गए तो इसका सीधा असर फसल उत्पादन और किसानों की आय पर पड़ेगा।
लखेश्वर बघेल ने मांग की कि सरकार को खाद भंडारण, आपूर्ति और वितरण व्यवस्था की तत्काल समीक्षा करनी चाहिए। साथ ही वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि वास्तविक किसानों तक पर्याप्त मात्रा में खाद पहुंचे।
उन्होंने यह भी कहा कि कई क्षेत्रों में खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिस पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। साथ ही किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने की मांग की गई।
विधायक ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए विशेष निगरानी तंत्र बनाया जाना चाहिए, ताकि खाद संकट की समस्या का स्थायी समाधान हो सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो किसान व्यापक रूप से प्रभावित होंगे।