दल्ली राजहरा। कर्मशील समाजसेवी महावीर सिंह राठौर के निधन की खबर से शुभचिंतकों और परिचितों में शोक की लहर छा गई है। नगर के युवा समाजसेवी एवं उद्योगपति आशुतोष माथुर ने श्री राठौर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। श्री माथुर ने कहा है कि चाचाजी का हमारे बीच न रहना अत्यंत पीड़ादायक है। उनसी जुड़ी अनेक स्मृतियां मानस पटल पर चलने लगीं। वे एक दमदार निडर व्यक्तित्व, विपरीत परिस्थितियों का सामना हिम्मत से करने और हिम्मत बंधाने वाले शख्सियत थे। मै उन भाग्यशाली लोगों में से एक हूं कि उनका प्यार व अपनापन मुझे प्राप्त हुआ। मेरे लिए तो हिम्मत का दूसरा नाम थे चाचाजी। मेरे निजी और व्यवसायिक जीवन के हर सुख और तकलीफ में साथ रहने, मेरी गलतियों पर पूरे अधिकार से डांटने और फिर मजबूती से साथ देने व तमाम विपरीत परिस्थितियों से बाहर निकालने वाले देवदूत थे चाचा जी। उनका होना मात्र ही मेरा मनोबल ऊंचा रखता था। मेरे जीवन में आई कई विपरित परिस्थितियों में उनका निडरता से साथ देना और मुझे उन परिस्थितियों से बाहर निकालने की अनेक शौर्य गाथाएं है जो मेरे मानसपटल पर आज जीवंत हो रही हैं और हमेशा मेरे साथ रहेंगी। उनके साथ इतनी स्मृतियां है कि पूरी किताब कम पड़ जाए। चाचाजी को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि और ईश्वर से कामना की वे उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें।