० 18 लाख आवास देने का सरकार का दावा हवा हवाई
रायपुर। सुशासन तिहार में सरकार के 18 लाख प्रधानमंत्री आवास की पोल खुल गई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि गरियाबंद जिले देवभोग के माडागांव के सुशासन तिहार में कमार परिवार ने प्रधानमंत्री आवास के लिए जिला पंचायत सी.ई.ओ. के पैर में गिर कर आवास की मांग किया। यह घटना भाजपा सरकार के प्रधानमंत्री आवास पर किये गये दावों की जमीनी हकीकत है। कमार जनजाति विशेष संरक्षित जनजाति है, इन्हें राष्ट्रपति का दत्तक पुत्र कहा जाता है तथा सभी शासकीय योजनाओं के केंद्र बिंदु में इन्हें रखा जाता है। जब कमार जनजाति का परिवार अपने प्रधानमंत्री आवास के लिए अधिकारी के सामने दंडवत होने को मजबूर है तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि राज्य में प्रधानमंत्री आवास की क्या हकीकत होगी? यह घटना सरकार के लिए शर्मनाक है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि साय सरकार 18 लाख आवास पर श्वेत पत्र जारी करे। भाजपा सरकार 18 लाख आवास स्वीकृत होने का झूठा दावा करती है, जबकि सच्चाई यह है कि साय सरकार गरीबों को आवास देने के नाम से धोखाधड़ी की है, जो भी आवास बने है और जो बन रहे है वो कांग्रेस सरकार के दौरान स्वीकृत हुए थे। साय सरकार खुद ही संख्या की घोषणा कर अपनी पीठ थपथपा रही है। कांग्रेस मांग करती है कि सरकार के दावों में सच्चाई है तो स्वीकृत आवासहीनों के नाम सार्वजनिक किया जाए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार के प्रधानमंत्री आवास केवल सरकारी विज्ञापनों और होर्डिंग में ही दिखते रहे है, हकीकत में भाजपा सरकार के आने के बाद एक भी हितग्राही के लिए आवास स्वीकृत नहीं हुआ है। पूर्ववर्ती कांग्रेस की भूपेश सरकार ने आवासहीनों के खाते में पहली किश्त डाली थी, उसके बाद भाजपा सरकार ने एक भी रू. नहीं भेजा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा चुनावों में वादे करती है और चुनाव के बाद उसे भूल जाती है। मोदी की गारंटी के नाम पर भाजपा प्रदेश की जनता से 23 वादे किये थे लेकिन उसको ढाई साल में एक भी वादा पूरा नहीं किया। इससे ज्यादा दुर्भाग्यजनक और क्या होगा कि 18 लाख आवास के वादे के बाद कमार जनजाति के परिवार को अपने आवास के लिए अधिकारी के चरणों पर लोटना पड़ रहा है। आदिवासी मुख्यमंत्री के लिए यह शर्म का विषय है।