० ओबीसी समाज का अपमान बंद कर उसे उसका हक दे सरकार : महतो
जगदलपुर। बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के शहर महामंत्री अनुराग महतो ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा ओबीसी समाज को जानबूझकर नजरअंदाज करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। जातिगत जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम या कोड नहीं देने का विरोध करने से केंद्र सरकार का ओबीसी विरोधी चेहरा उजागर हो गया है कांग्रेस नेता अनुराग महतो ने कहा है कि केंद्र सरकार ने 2026-27 की जनगणना में जातिगत गणना शामिल करने का ऐलान तो कर दिया, लेकिन ओबीसी समाज के साथ फिर से अन्याय किया जा रहा है। जनगणना फॉर्म में एससी और एसटी के लिए अलग कॉलम तो रखा गया है, लेकिन ओबीसी वर्ग के लिए कोई अलग कॉलम या स्पष्ट कालम कोड नहीं दिया गया है। यह ओबीसी समाज को जानबूझकर नजरअंदाज करने और उनके सही आंकड़ों को छिपाने की कोशिश है।
ओबीसी समाज देश की आबादी का सबसे बड़ा हिस्सा है। बिहार जैसे राज्यों के सर्वे में ओबीसी और ईबीसी मिलाकर 60 प्रतिशत से अधिक आबादी सामने आई है। यदि केंद्र सरकार जातिगत जनगणना कर भी रही है, तो ओबीसी के लिए अलग से कॉलम और स्पष्ट कोड दिए बिना जनगणना कराती है तो यह अधूरी और पक्षपाती होगी। इससे ओबीसी वर्ग को उसके वास्तविक अनुपात में आरक्षण, शिक्षा, रोजगार और विकास योजनाओं में न्याय नहीं मिल पाएगा। शहर जिला कांग्रेस महामंत्री अनुराग महतो ने आगे कहा सरकार से हमारी स्पष्ट मांग हैं कि जातिगत जनगणना फॉर्म में ओबीसी वर्ग के लिए अलग कॉलम तुरंत जोड़ा जाए ओबीसी की सभी उप-जातियों के लिए स्पष्ट कालम कोड सुनिश्चित किया जाए, ताकि सटीक गणना हो सके। केंद्र और राज्य ओबीसी सूचियों को मिलाकर एक व्यापक कोड डायरेक्ट्री तैयार कराएं।50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा हटाकर ओबीसी समाज को उनकी आबादी के अनुपात में आरक्षण दिया जाए।
जनगणना की प्रक्रिया में कोई राजनीतिक हस्तक्षेप न हो और ओबीसी समुदाय को पूर्ण न्याय मिले। यह केंद्र सरकार का ओबीसी समाज के प्रति पूर्वाग्रह है। जब एससी एसटी के लिए अलग कॉलम है, तो ओबीसी को अलग कॉलम क्यों नहीं? क्या ओबीसी समाज दूसरे दर्जे का नागरिक है? कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर पूरे देश में ओबीसी समाज के साथ खड़ी है और जरूरत पड़ी तो आंदोलन भी करेगी।हमारी स्पष्ट मांग है कि केंद्र सरकार तुरंत जनगणना फॉर्म में संशोधन कर ओबीसी कॉलम और कोड शामिल करे, अन्यथा यह जनगणना ओबीसी समाज के प्रति अन्यायपूर्ण साबित होगी।