0 डबल इंजन की सरकार में विदेश से धन देश और प्रदेश में आया
रायपुर। विदेशी धन के मामले पर ईडी की कार्यवाही डबल इंजन की सरकार की विफलता को उजागर करता है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि ईडी ने विदेशी धन के भारत में ट्रांसफर को लेकर दावा किया है कि पिछले दो सालों में 2025 और 2026 के दौरान भारत में विदेश से 95 करोड़ रू. आये है इसमें से 6 करोड़ रू. छत्तीसगढ़ में निकाले गये है। विदेश से आये धन का पूरा यह मामला मोदी और साय सरकार के दौरान हुआ है। पिछले दो सालों से विदेश से धन भारत आ रहा था और उसका उपयोग विभिन्न गैर कानूनी गतिविधियों में हो रहा था तो केंद्र और राज्य की सरकारें दो सालों में क्या कर रही थी?
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा इस फंडिंग को धर्मांतरण से जोड़ रही है। लेकिन इस फंडिंग का उपयोग यदि नक्सली और आतंकी गतिविधियों में नहीं हुआ होगा, इसकी क्या गारंटी है? भाजपा इससे इंकार करती है क्या? 6 करोड़ रू. छत्तीसगढ़ में निकाले गये है तो शेष 89 करोड़ रू. कहां पर खर्च किये गये इसको भी स्पष्ट किया जाना चाहिए?
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने मांग किया कि इस बात की जांच होनी चाहिए यह फंड किस संस्था के लिए आया? विदेशी फंडिंग तो सबसे ज्यादा आरएसएस संग्रहित करती है, विगत दिनों आरएसएस का मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट का पर्दाफाश हुआ अमेरिकी लॉबिंग फर्म Squire Patton Boggs को आरएसएस ने अपनी छवि सुधारने और वहां के सांसदों को प्रभावित करने के लिए 5 करोड़ दिए, यह राशि कहां से आई? क्या यह मनी लॉन्ड्रिंग नहीं है? छत्तीसगढ़ में आरएसएस के सैकड़ों संगठन हजारों करोड़ की संपत्ति अर्जित किया है, उसकी जांच कब होगी? आरएसएस से संबद्ध संगठनों के स्रोत की जांच होनी चाहिए जिनका न कहीं पंजीयन है, ना ऑडिट होता है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा इस मामले में अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती है। यह देश की सुरक्षा का भी सवाल है। भाजपा की केंद्र सरकार ने पिछले 10 सालों से ईडी को विरोधी दल के खिलाफ षड़यंत्र में लगा रखा है। वह अपना मूल काम करती ही नहीं इसीलिए विदेशी फंडिंग पर रोक जैसी कार्यवाही कभी-कभी होती है। ईडी नियमित कार्यवाही करे तो ऐसे और भी खुलासे होंगे।