सक्ती। जिले में वेदांता पावर प्लांट में दोपहर बड़ा औद्योगिक हादसा हो गया। प्लांट के बॉयलर के फटने से जोरदार विस्फोट हुआ, जिसमें अब तक 10 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 40 से ज्यादा मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए हैं। कई घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है।
घटना डभरा थाना क्षेत्र के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुई। अचानक बॉयलर ब्लास्ट होने से पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई और मजदूरों में दहशत फैल गई। हादसे के बाद प्लांट के बाहर मृतकों के परिजनों और मजदूरों का आक्रोश फूट पड़ा। परिजनों ने एम्बुलेंस रोककर घायलों को तुरंत बेहतर अस्पताल दिखाने की मांग की और मुख्य गेट पर जमकर नारेबाजी की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्लांट प्रबंधन ने मुख्य गेट बंद कर दिया और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
राहत कार्य जारी:
मलबे में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए बचाव अभियान तेजी से चल रहा है। जैसे-जैसे रेस्क्यू आगे बढ़ेगा, आंकड़ों में बदलाव संभव है। घायल मजदूरों को रायगढ़ जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कई घायलों को ओपी फोर्टिस जिंदल अस्पताल में रखा गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
सीएम विष्णुदेव साय का बयान:
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, “यह बहुत दुखद घटना है। मृतकों के परिवारों के साथ हम खड़े हैं। भगवान उन्हें शक्ति दें। हादसे की पूरी जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
पूर्व CM भूपेश बघेल का शोक:
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी एक्स पर पोस्ट कर शोक जताया। उन्होंने लिखा कि हादसा अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने शासन-प्रशासन से मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और घायलों को बेहतर इलाज की व्यवस्था करने की अपील की।
प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक आशंका तकनीकी खराबी को लेकर है। यह हादसा औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों की सुरक्षा और प्लांट की रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है। स्थानीय लोग और मजदूर संगठन अब प्लांट प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं और उचित मुआवजे व दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।