0 जगदलपुर की कवियित्री नवनीत कमल की कृति
जगदलपुर। बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के भोपालपटनम कस्बे के सुप्रसिद्ध साहित्यकार लक्ष्मीनारायण ‘पयोधि’ के संघर्षपूर्ण जीवन और साहित्यिक उपलब्धियों को केंद्र में रखकर जगदलपुर की प्रतिष्ठित कवियित्री नवनीत कमल ने एक प्रबंध काव्य ‘पद्म पयोधि’ की रचना की है। यह कृति नवनीत की पांचवीं काव्य पुस्तक है, जो पूर्णत: छंदबद्ध है। यह पुस्तक बुक्स क्लीनिक पब्लिशिंग बिलासपुर द्वारा प्रकाशित की गई है।
उल्लेखनीय है कि भोपालपटनम् के स्व. ताटी मल्लैया और गंगादेवी के मंझले पुत्र लक्ष्मीनारायण ने अपनी साहित्यिक यात्रा का आरंभ भोपालपटनम से ही किया था और यहीं रहते हुए उन्होंने चर्चित काव्यकृति ‘सोमारू’, काव्यनाटक ‘गुंडाधूर’, गीत संग्रह ‘हर्षित है ब्रह्माण्ड’ और कहानी संग्रह ‘संबंधों के एवज में’ की रचना की थी, जो पुस्तक रूप में प्रकाशित होने से पूर्व ही चर्चित हुए।साहित्य-संसार में लक्ष्मीनारायण पयोधि के नाम से प्रतिष्ठित इस अद्वितीय प्रतिभा ने भोपाल में रहकर भी बस्तर की सांस्कृतिक सुगंध का देशभर में विस्तार किया है।पयोधि जी की 21 काव्यकृतियों सहित विभिन्न विधाओं में अब तक 56 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उनके साहित्य पर चार आलोचना ग्रंथ पहले ही प्रकाशित हैं। यह प्रबंध काव्य (खंडकाव्य) ‘पद्म पयोधि’ पांचवां है। पयोधि के साहित्य पर अलग-अलग विश्वविद्यालयों द्वारा दो शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी जा चुकी है।तीसरी पीएचडी के लिए बस्तर विश्वविद्यालय के अधीन शोधकार्य चल रहा है। केंद्रीय पाठ्यक्रम के अलावा मध्यप्रदेश और तेलंगाना के राज्य पाठ्यक्रमों में भी उनकी कविताएं, कहानियां और लेख शामिल हैं। पयोधि जी द्वारा रचित एक फ़िल्मी गीत ‘ख़्वाहिशें’ (फ़िल्म ऑपरेशन मेफ़ेयर) को मुंबई की सुप्रसिद्ध म्यूजिक कंपनी टी-सीरीज और कुछ ग़ज़लों को रेड रिबन म्यूजिक कंपनी, मुंबई द्वारा जारी किया जा चुका है। कवियित्री नवनीत कमल ने एक साधक सृजनधर्मी के व्यक्तित्व और कृतित्व के विभिन्न आयामों को कलात्मक ढंग से ‘पद्म पयोधि’ में प्रस्तुत किया है,जो शोधार्थियों के साथ ही नयी पीढ़ी को भी पयोधिजी के जीवन-संघर्ष,साहित्यिक विकास और अवदान से परिचित करायेगा।ग़ौरतलब है कि यह पुस्तक 3 मई को जगदलपुर में उत्सवपूर्वक लोकार्पित होने जा रही है।