0 लोहंडीगुड़ा में हुआ भव्य समारोह का आयोजन
जगदलपुर। बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा में सर्व आदिवासी समाज, बौद्ध समाज एवं आदिवासी कर्मचारी संघ लोहंडीगुड़ा के संयुक्त तत्वावधान में वर्ष 1961 के ऐतिहासिक गोलीकांड में शहीद हुए आदिवासी वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोग, युवा एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत शहीदों के स्मरण और दो मिनट के मौन के साथ हुई। बसंत कश्यप ने शहीदों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि 1961 का गोलीकांड बस्तर के इतिहास का एक अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण अध्याय है। उस समय अपने अधिकारों, जल, जंगल, जमीन और अस्मिता की रक्षा के लिए आवाज उठाने वाले आदिवासी भाइयों पर गोली चलाई गई, जिसमें कई निर्दोष लोगों ने अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। यह घटना आज भी हमें अपने अधिकारों और एकता के प्रति सजग रहने की प्रेरणा देती है। इस अवसर पर लक्ष्मण बघेल ने कहा कि शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और समाज उनके संघर्षों को सदैव याद रखेगा। साथ ही युवाओं से अपील की गई कि वे इतिहास को जानें, अपने हक के प्रति जागरूक रहें और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग के अध्यक्ष बसंत कश्यप, लक्ष्मण बघेल, उसरीबेड़ा के सरपंच मधुसूदन बघेल, टंकेश्वर भारद्वाज, महेंद्र मंडावी, धर्मेंद्र मरकाम, हीरासिंह बघेल, नरेंद्र ठाकुर, रीना कश्यप, चंद्रू मंडावी, महेश कश्यप, तुलसी मौर्य, लिंगू बघेल, गणेश मंडावी, पुष्पेंद्र मौर्य, मृत्युंजय कश्यप, बौद्ध समाज अध्यक्ष राकेश मेश्राम, सुरेश खापर्डे, संदीप मेश्राम सहित सर्व आदिवासी समाज के सदस्य उपस्थित रहे। अंत में सभी ने एकजुट होकर शहीदों के सपनों को साकार करने और समाज की एकता को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लिया।