नियत समय में खत्म हो रहा है नक्सलवाद : गृहमंत्री विजय शर्मा

0  जंगल से पुनर्वास हो सकता है तो जेल से क्यों नहीं : शर्मा 
0 पापाराव ने 18 नक्सलियों के साथ किया सरेंडर 
जगदलपुर। दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के 50 लाख के कुख्यात नक्सली पापाराव ने अपने 18 साथियों के साथ बुधवार दोपहर जगदलपुर पुलिस लाइन के शौर्य भवन में विधिवत आत्मसमर्पण कर दिया। जो नक्सली अब तक गीता- रामायण जलाते रहे हैं उन्हें समाज प्रमुखों ने संविधान की किताब भेंट कर समाज की मुख्यधारा में लौटने पर उनका स्वागत किया।

इस मौके पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अगस्त 2024 में कहा था कि 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ नक्सल मुक्त हो जाएगा और यह नियत समय में खत्म हो रहा है। शहरी नेटवर्क पर भी कड़ी कार्रवाई होगी। नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई कोई हैप्पी बर्थडे पार्टी नहीं है। अभी भी एहतियात बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि जब जंगल से पुनर्वास हो सकता है तो जेल से भी पुनर्वास हो सकता है। जो नक्सली जेल में बंद है, वह रिहा होने के बाद दोबारा शास्त्र नहीं उठाएंगे, चूंकि अब तक ऐसा एक भी उदाहरण छत्तीसगढ़ में सामने नहीं आया है। श्री शर्मा ने कहा कि पुनर्वास से पुनर्जीवन छत्तीसगढ़ सरकार चाहती है। पापाराव ने 8 एके 47, एक एसएलआर और एक इंसास रायफल के साथ आत्मसमर्पण किया है। हालांकि उसने मंगलवार शाम को ही बीजापुर जिले के फरसेगढ़ में पुलिस के सामने हथियार डाल दिया था। इन सभी को भारी सुरक्षा के बीच जगदलपुर लाया गया था। बुधवार दोपहर पुलिस ने आत्म समर्पित नक्सलियों को मीडिया के सामने पेश किया। उधर शौर्य भवन में मीडिया से रूबरू होते हुए प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि परिवार,पंचायत, प्रतिनिधि और पत्रकारों के प्रयास से ही बस्तर नक्सल मुक्त हुआ है। छत्तीसगढ़ से सशस्त्र नक्सली खत्म होने की कगार पर हैं। छत्तीसगढ़ का 95 प्रतिशत हिस्सा नक्सली हिंसा से मुक्त हो चुका है। जेल में जो नक्सली बंद है। वह बेगुनाह नहीं है इसलिए उन्हें छोड़ने की बात कहना गलत है। पुलिस ने किसी के साथ जबरदस्ती नहीं की। आरोप सिद्ध होने पर ही इन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। उन्होंने बताया कि अब तक 3000 नक्सलियों का पुनर्वास हो चुका है। 2000 से ज्यादा नक्सलों की गिरफ्तारी हुई है और 525 नक्सलियों को मार गिराया गया है। इस मौके पर प्रदेश के वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष तथा स्थानीय विधायक किरण सिंह देव, बेवरेज कॉरपोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, छत्तीसगढ़ के डीजीपी अरुण देव गौतम, एडीजी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद, बस्तर के आईजी सुंदरराज पी. के अलावा बस्तर संभाग के सातों जिला के सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

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