0 आदिवासी महिला जनप्रतिनिधि को न बुलाना दुर्भाग्यपूर्ण : देवकी भद्रे
जगदलपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित वृहद महतारी वंदन सम्मेलन में नगर पंचायत बस्तर की अध्यक्ष देवकी भद्रे को आमंत्रित नहीं किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। नगर पंचायत अध्यक्ष देवकी भद्रे ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी स्वयं को आदिवासी हितैषी और आदिवासी नेतृत्व को बढ़ावा देने वाली सरकार बताती है। प्रदेश में आदिवासी मुख्यमंत्री होने की बात भी कही जाती है, लेकिन बस्तर जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्र में आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में ही एक निर्वाचित आदिवासी महिला जनप्रतिनिधि को आमंत्रित न किया जाना सरकार की सोच पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत बस्तर की प्रथम नागरिक होने के नाते यह अपेक्षित था कि नगर में आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उन्हें सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाता। लेकिन ऐसा नहीं होना लोकतांत्रिक परंपराओं और जनप्रतिनिधियों के सम्मान के विपरीत है। देवकी भद्रे ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं के सम्मान, अधिकार और उनकी भागीदारी को मजबूत करने का दिन है। ऐसे महत्वपूर्ण अवसर पर एक महिला और वह भी आदिवासी समाज से आने वाली निर्वाचित प्रतिनिधि की उपेक्षा करना महिलाओं के सम्मान के विपरीत है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की है कि आखिर किन कारणों से नगर पंचायत अध्यक्ष को कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया। साथ ही भविष्य में सभी जनप्रतिनिधियों को उनके पद और गरिमा के अनुरूप सम्मान देने की मांग भी की है।