भूपेश बघेल का बयान उनकी हार की हताशा, देश निर्माण में आरएसएस का योगदान हिमालय जैसा अटल : श्याम जायसवाल

0  भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के बालोद जिला अध्यक्ष श्याम का करारा हमला 
दल्लीराजहरा। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा दुनिया के सबसे बड़े राष्ट्रवादी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खिलाफ की गई विषवमनकारी टिप्पणी पर भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के बालोद जिला अध्यक्ष श्याम जायसवाल ने करारा पलटवार किया है। श्री जायसवाल ने कहा है कि जिस व्यक्ति का पूरा राजनीतिक चरित्र टिकट चोरी, सट्टेबाजी और शराब दलाली पर टिका हो, उसकी अपवित्र जुबान से संघ जैसा पवित्र नाम शोभा नहीं देता। श्याम जायसवाल ने बयान जारी कर कहा है कि कांग्रेस का फिरंगी डीएनए और संघ की मातृभूमि भक्ति का कोई मुकाबला नहीं है। भूपेश बघेल को इतिहास का ज्ञान शून्य है। जिस कांग्रेस की वकालत वे कर रहे हैं, उसका जन्म ही एक अंग्रेज एओ ह्यूम की कोख से हुआ है। कांग्रेस का निर्माण अंग्रेजों ने भारतीयों के आक्रोश को दबाने के लिए एक ‘सेफ्टी वाल्व’ के रूप में किया था। दूसरी ओर संघ की स्थापना 1925 में डॉ. हेडगेवार ने हिंदू समाज को संगठित कर भारत को परम वैभव पर ले जाने के लिए की थी। अंग्रेजों की मानसपुत्री कांग्रेस के पालतू नेता आज राष्ट्रभक्तों को अंग्रेजों का सलाहकार बता रहे हैं, यह सूर्य पर थूकने जैसा है।

श्री जायसवाल ने कहा है कि संघ का त्याग जो कांग्रेसियों को नहीं दिखेगा। भूपेश का यह कहना कि संघ का आजादी में योगदान नहीं है, उनकी हताशा का प्रमाण है। संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार स्वयं 1930 के सत्याग्रह में जेल गए थे। 1947 के विभाजन की विभीषिका में जब कांग्रेसी नेता सत्ता की मलाई बांटने की तैयारी कर रहे थे, तब संघ के स्वयंसेवकों ने अपनी जान पर खेलकर लाखों हिंदू-सिखों को सुरक्षित भारत पहुंचाया था। कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने के लिए संघ के स्वयंसेवकों ने जो बलिदान दिया, वह इतिहास के पन्नों में दर्ज है, जिसे भूपेश कभी नहीं समझ पाएंगे। श्याम जायसवाल ने नेहरू के कथित रूप से नतमस्तक होने और संघ के शौर्य का जिक्र करते हुए कहा- इतिहास से भूपेश को याद दिलाना जरूरी है कि 1962 के चीन युद्ध में स्वयंसेवकों के अद्भुत साहस और सेना की मदद को देखकर उनके ही नेता पंडित नेहरू ने संघ को 1963 की गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने का निमंत्रण दिया था। क्या भूपेश अपने ही नेता नेहरू को गलत मानते हैं? या फिर सत्ता जाने के गम में वे अपने ही पूर्वजों के इतिहास को भूल चुके हैं?

श्री जायसवाल ने कांग्रेस के गोडसे पर झूठा राग और टुकड़े-टुकड़े गैंग से प्रेम पर प्रहार करते हुए कहा कि बार-बार गांधी हत्या का नाम लेकर देश को गुमराह करना बंद करो, अदालतें और जांच आयोग दशकों पहले साफ कर चुके हैं कि गोडसे का संघ से कोई लेना-देना नहीं था। लेकिन भूपेश और कांग्रेसी खुद उन गद्दारों के साथ खड़े होते हैं जो जेएनयू में भारत तेरे टुकड़े होंगे, इंशाअल्लाह के नारे लगाते हैं। जो सेना से सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगते हैं, वे खुद देशद्रोही मानसिकता के परिचायक हैं। भ्रष्टाचार के महादेव एप और शराब’ सिंडिकेट का मुद्दा उठाते हुए युवा भाजपा नेता श्याम जायसवाल ने कहा है कि भूपेश बघेल का राष्ट्रवाद केवल सट्टे और शराब तक सीमित है। जिनका बेटा शराब घोटाले के 250 करोड़ डकार कर बैठा हो और जिसका खुद का नाम महादेव सट्टा ऐप में प्रमुखता से आता हो, वह पवित्र संगठन संघ पर उंगली उठाने की जुर्रत न करे। छत्तीसगढ़ को लूटने वाले लुटेरे अब राष्ट्रभक्ति का ढोंग न करें। श्याम जायसवाल ने कड़ी चेतावनी देते हुए अंत में कहा कि भूपेश बालोद की जनता और छत्तीसगढ़ के राष्ट्रवादी युवा तुम्हारे इस सफेद झूठ और विभाजनकारी राजनीति को समझ चुके हैं। संघ हिमालय की तरह अटल है, आप जैसे कितने ही ‘अंग्रेजों के गुलाम’ आए और धूल में मिल गए। अपनी ‘गंदी जुबान’ से संघ का नाम लेना बंद करो, वरना जनता तुम्हें राजनीति से सन्यास दिलाकर ही दम लेगी।

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