3100 रु धान की कीमत एक मुश्त नही मिला जबरिया रकबा समर्पण कर कम धान खरीदी की गई – धनंजय सिंह

0 भाजपा सरकार की तानाशाही किसानों से 5 लाख एकड़ से अधिक रकबा जबरदस्ती सरेंडर कर, धान कम खरीदा

रायपुर। भाजपा सरकार पर धान खरीदी में किसानों के साथ तानाशाही करने का आरोप लगाते हुये प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा भाजपा सरकार किसान विरोधी है मोदी की गारंटी 3100 रु प्रति क्विंटल एक मुश्त 21 किवंटल प्रति एकड़ खरीदी का दावा झूठा निकला चालू खरीफ सीजन में धान बेचने किसानों को प्रताड़ित होना पड़ा। न 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी की गई न ही धान बेचने वाले किसानों को 3100 रु किवंटल की दर से एक मुश्त भुगतान किया गया। आज भी लाखों किसान धान बेचने से वंचित है। सरकार की नीयत में खोट थी इसलिए पहले 16 लाख से अधिक किसानों के 5 लाख 25 हजार एकड़ कृषि भूमि का धान बेचने पंजीयन ही नही किया गया। फिर धान बेचने पंजीकृत किसानों की 5 लाख 31 हजार394 एकड़ भूमि को बिना सहमति रकबा सरेंडर कर 1करोड़ 11 लाख 59 हजार 253 क्विंटल धान की खरीदी नही की गई। धान बेचने पंजीकृत 2 लाख से अधिक किसानों से धान की खरीदी नही की गई। सरकार का लक्ष्य 165 लाख मीट्रिक टन धान खरीदना था जिससे लगभग 25 लाख मीट्रिक टन धान की कम खरीदी की गई। पिछले वर्ष हुई धान खरीदी के मुकाबले 10 लाख मीट्रिक टन कम धान खरीदा गया।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि डबल इंजन की सरकार किसानों से कम धान खरीदी करने धान बुवाई के समय से षड्यंत्र रच रही थी। धान बुवाई के समय किसानों खाद संकट से जूझना पड़ा। बिजली कटौती एवं लो वोल्टेज की कृत्रिम समस्या उत्पन्न कर सिंचाई को बाधित किया गया। फिर धान खरीदी मात्र 53 दिन की गई उसमें भी एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन नही होना, ऑन लाईन ऑफ लाईन टोकन संकट, टोकन निरस्त, बारदाना संकट, धान खरीदी लिमिट, कमर्चारियों का हड़ताल, एनआईसी के माध्यम से प्रतिदिन खरीदी की लिमिट में कटौती के अलावा जान बुझ कर कस्टम मिलिंग में बाधा उत्पन्न की गई जिसके चलते किसान धान नही बेच पाये। दो दिन धान खरीदी की तिथि बढ़ाई गई उससे किसानों को कोई लाभ नही हुआ।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद पहली बार देखा गया कि धान नही बेच पानें टोकन नही मिलने के चलते किसान परेशान होकर आत्मघाती कदम उठाने मजबूर हुये। महासमुंद, कोरबा, जांजगीर, चांपा, बलौदाबाजार में किसान खुदकुशी का प्रयास किये। डबल इंजन की सरकार किसानों के लिए ट्रबल इंजन बन गई, किसानों की आर्थिक उन्नति में बाधक बन गई। कांग्रेस मांग करती है कि धान खरीदी की तिथि 15 दिन औऱ बढ़ाया जाये धान बेचने से वंचित सभी किसानों का धान की खरीदी की जाये।

 

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