रायपुर। छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद आज रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा किया जाएगा। एक साल से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद लखमा की रिहाई को लेकर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है।
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस और पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भूपेश सरकार के कार्यकाल में शराब, डीएमएफ और कोयला जैसे कई बड़े घोटाले उजागर हुए, लेकिन इन सबका बोझ एक ही व्यक्ति—कवासी लखमा—पर डाल दिया गया। शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने प्रभावशाली नेताओं को बचाने के लिए लखमा को “बलि का बकरा” बना दिया, जो पार्टी की दोहरी राजनीति को दर्शाता है।
नक्सल मोर्चे पर सरकार का दावा: अब केवल 15 फीसदी चुनौती शेष
नक्सल समस्या को लेकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने केंद्र और राज्य सरकार की रणनीति का बचाव करते हुए कहा कि अब राज्य का केवल लगभग 15 प्रतिशत इलाका और उतनी ही संख्या में नक्सली शस्त्रबल सक्रिय हैं। उन्होंने बताया कि सरकार की प्राथमिकता बिना हिंसा के समाधान निकालने की है। इसके लिए पुनर्वास नीति को और मजबूत किया गया है, जबकि हथियारबंद नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों की कार्रवाई लगातार जारी है। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की प्रस्तावित छत्तीसगढ़ यात्रा और हाई लेवल बैठक का उल्लेख करते हुए कहा कि इस बैठक में नक्सल उन्मूलन को लेकर नई और निर्णायक रणनीति तय की जाएगी।
राहुल गांधी–बृजमोहन मुलाकात पर सियासत, कांग्रेस पर अनुशासनहीनता का आरोप
दिल्ली में राहुल गांधी और भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल की मुलाकात को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के तंज पर पलटवार करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि राजनीति में अनुशासन सर्वोपरि होता है, जो कांग्रेस में पूरी तरह गायब है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहे जितने संगठनात्मक प्रयोग कर ले, लेकिन पार्टी के भीतर अनुशासन का अभाव साफ नजर आता है।
वहीं, बृजमोहन अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि उस मुलाकात के दौरान विनय सहस्त्रबुद्धे भी मौजूद थे और बातचीत सामान्य और औपचारिक थी।
धान खरीदी की समयसीमा बढ़ाने पर सरकार का जवाब
धान खरीदी की अवधि में दो दिन की बढ़ोतरी को लेकर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को किसानों की चिंता नहीं है, जबकि राज्य सरकार किसान हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संवेदनशील फैसले ले रही है।