चाँदी तीन लाख के पार होना मोदी सरकार के दावों की पोल खोल रहा है – वंदना राजपूत

० मध्यवर्गीय के लिए सोना-चाँदी खरीदना बजट से बाहर हो गए हैं

रायपुर। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता वन्दना राजपूत ने बढ़ती महँगाई को लेकर कहा कि इतिहास में पहली बार चाँदी तीन लाख के पार होना मोदी सरकार के दावों की पोल खोल रहा है। चाँदी की क़ीमत 3,02,600 रुपये प्रति किलोग्राम और सोना 1,48,100 रुपया प्रति दस ग्राम के रिकॉर्ड के उच्च स्तर पर है, अब सोना, चाँदी ख़रीदना मध्यम वर्गीय परिवार के लिए एक सपना हो जाएगा। रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ती महँगाई ने माता-पिता को चिंतित कर दिया है, बच्चों की शादी करनी है और चाँदी, सोना की महँगाई देखकर माथे पर पसीना छूट रहा हैं। कैसे अपनी बिटिया, बहू के लिए सुहाग के समान मंगलसूत्र, बिछिया, पायल इत्यादि की ख़रीदारी करना हमारे बजट के पार हो गया है। बढ़ती महँगाई ग़रीब एवं मध्यम वर्गीय परिवार के गालों पर ज़ोरदार चाँटा मार रहा है। जनता जनार्दन से मोदी जी का वादा था 100 दिनों में महँगाई कम करने का मोदी जी का हर वादा सिर्फ़ एक जुमला साबित हो रहा है। आज देश के प्रधानमंत्री बढ़ती महँगाई पर एक शब्द नहीं बोल पाते हैं, इसी तरह महँगाई बढ़ती गई तो ग़रीब क्या खाएगा और अपने परिवार का पालन पोषण कैसे कर पाएंगे?

कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता वंदना राजपूत राजपूत ने बढ़ती महँगाई को लेकर केंद्र सरकार के नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि टैक्स कम करने के नाम पर जनता को लॉलीपॉप दिखाकर बड़े सफ़ाई से कह दिया कि महँगाई से राहत मिलेगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ है। खाद्य पदार्थ और महँगा होता जा रहा है।

कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता वन्दना राजपूत ने कहा कि बहुत बड़े विद्वान ने कहा था कि जैसे-जैसे रुपया गिरता है प्रधानमंत्री की प्रतिष्ठा भी उसी तरह गिरता है। वर्तमान में बढ़ती महँगाई अंध भक्तों को दिखाई नहीं दे रही है, इसलिए बढ़ती महँगाई पर एक शब्द नहीं निकलता है। अगर ऐसी परिस्थिति चलती रही तो दो वक़्त की रोटी के लाले पड़ जाएंगे। अमीर और अमीर होता जा रहा है, ग़रीब और गरीब। गरीबी हटाने की बात होती थी लेकिन यहाँ गरीबों को ही हटाया जा रहा है, ताकि आंकड़े भी बेरोज़गारी चरम पर है, महँगाई चरम पर हैं।

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