गरियाबंद के बाद सूरजपुर में वन विभाग के गेस्ट हाउस में ‘अय्याशी का अड्डा’! अश्लील डांस-शराबखोरी का वीडियो वायरल, प्रशासन कटघरे में

सूरजपुर। गरियाबंद में एसडीएम और पुलिस की मौजूदगी में हुए बार बालाओं के अश्लील नृत्य का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब सूरजपुर जिले से एक और शर्मनाक तस्वीर सामने आ गई है। इस बार मामला वन विभाग के विश्राम गृह से जुड़ा है, जहां कथित तौर पर अर्धनग्न युवतियों के अश्लील डांस, शराबखोरी और रातभर चलने वाली महफिल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

यह वीडियो सूरजपुर जिले के पर्यटन स्थल कुमेली स्थित वन विभाग के फॉरेस्ट गेस्ट हाउस का बताया जा रहा है। वायरल फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि गेस्ट हाउस के भीतर लोग फर्श पर बैठे हैं, शराब खुलेआम परोसी जा रही है और युवतियां आपत्तिजनक गानों पर नृत्य कर रही हैं। यह दृश्य किसी निजी फार्महाउस का नहीं, बल्कि सरकारी वन विश्राम गृह का बताया जा रहा है यही बात पूरे मामले को बेहद गंभीर बना देती है।

सरकारी विश्राम गृह या अय्याशी का ठिकाना?

स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कोई एक दिन की घटना नहीं है। बल्कि पिछले तीन से चार वर्षों से कुमेली का यह फॉरेस्ट गेस्ट हाउस रात के समय अय्याशी की महफिलों का स्थायी ठिकाना बन चुका है। अश्लील नृत्य, शराबखोरी और जुए जैसी गतिविधियां यहां नियमित रूप से चलती रही हैं। दूर-दूर से लोग यहां पहुंचते हैं और पूरी रात सरकारी परिसर में मौज-मस्ती करते हैं।

वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल

इस वायरल वीडियो ने वन विभाग और जिला प्रशासन की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं—

  • क्या वन विभाग के विश्राम गृह ऐसे आयोजनों के लिए दिए जा सकते हैं?

  • गेस्ट हाउस की बुकिंग और चाबी किसके पास थी?

  • रात में रुकने वालों की एंट्री रजिस्टर में दर्ज है या नहीं?

  • क्या बिना विभागीय अनुमति के बाहरी लोगों को ठहराया गया?

  • या फिर जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से यह सब चलता रहा?

निगरानी व्यवस्था फेल या संरक्षण प्राप्त?

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मामला पर्यटन स्थल का है, जहां सुरक्षा और निगरानी की अपेक्षा और भी ज्यादा होनी चाहिए थी। बावजूद इसके, अगर वर्षों से इस तरह की गतिविधियां चल रही थीं, तो यह महज लापरवाही नहीं बल्कि संरक्षण और सांठगांठ की ओर इशारा करता है।

अब कार्रवाई होगी या फाइलों में दब जाएगा मामला?

वायरल वीडियो के सामने आने के बाद जिले में हड़कंप मचा हुआ है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इसे भी सोशल मीडिया का शोर मानकर नजरअंदाज कर देगा, या फिर निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अफसरों और कर्मचारियों को बेनकाब करेगा?

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