कैट ने आम बजट से पहले आयकर और जीएसटी सरलीकरण को लेकर वित्त मंत्री को सौंपे सुझाव

रायपुर। देश के सबसे बड़े व्यापारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आगामी आम बजट को ध्यान में रखते हुए आयकर और जीएसटी व्यवस्था को सरल बनाने के लिए केंद्र सरकार को विस्तृत सुझाव सौंपे हैं। कैट के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर व्यापार और उद्योग हित में सुधारात्मक कदम उठाने का आग्रह किया है।

कैट के राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) के सदस्य अमर पारवानी ने बताया कि छत्तीसगढ़ इकाई के चेयरमेन जितेंद्र दोशी, विक्रम सिंहदेव, प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन, महामंत्री सुरिंदर सिंह, कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल, कार्यकारी अध्यक्ष राजेंद्र जग्गी सहित अन्य पदाधिकारियों के साथ मिलकर यह सुझाव भेजे गए हैं।

आयकर से जुड़े प्रमुख सुझाव

कैट ने आयकर प्रणाली को अधिक सरल और करदाता-अनुकूल बनाने पर जोर दिया है। संगठन की ओर से टीडीएस व्यवस्था में सुधार, छोटे करदाताओं को दीर्घकालिक और अल्पकालिक पूंजीगत लाभ में राहत, विलंबित और संशोधित रिटर्न की समय-सीमा में व्यावहारिक बदलाव, आईटीआर दाखिल करने पर लगने वाले विलंब शुल्क को युक्तिसंगत बनाने, रिफंड में देरी की समस्या, सर्च-सर्वे प्रक्रिया में पारदर्शिता और आकलन अधिकारियों की जवाबदेही तय करने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है।

इसके अलावा अपीलों के शीघ्र निपटान, धारा 148 के तहत पुनर्मूल्यांकन के नए प्रावधानों की समीक्षा, नकद लेनदेन सीमा, खुदरा व्यापार को प्रोत्साहन और अंतरराष्ट्रीय कराधान से जुड़े मुद्दों पर भी सुधार की मांग की गई है।

जीएसटी सरलीकरण पर जोर

जीएसटी को लेकर कैट ने एचएसएन कोड के मानकीकरण, कंपोजीशन डीलर की टर्नओवर सीमा बढ़ाने, जीएसटीआर-3बी में संशोधन की सुविधा, वार्षिक रिटर्न में सुधार, जीएसटीआर-2बी के आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट की मान्यता, नियम 86बी में राहत और पुराने वर्षों के छूटे हुए इनपुट टैक्स क्रेडिट को मान्य करने जैसे सुझाव दिए हैं।

साथ ही विलंबित अपीलों और लंबित रिटर्न के लिए एम्नेस्टी योजना, ई-वे बिल और ई-इनवॉइसिंग से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं के समाधान, ट्रकों को रोके जाने से जुड़ी दिक्कतों और जीएसटी अनुपालन रेटिंग को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग भी की गई है।

वित्त मंत्री से अनुरोध

कैट के राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन अमर पारवानी ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से आग्रह किया है कि व्यापार और उद्योग जगत की व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इन सुझावों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए, ताकि कर प्रणाली सरल, पारदर्शी और विकासोन्मुख बन सके।

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