बकावंड। शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक (सेजेस) विद्यालय बकावंड में व्यावसायिक शिक्षा एवं स्किल ट्री कार्यक्रम के अंतर्गत हेल्थ केयर ट्रेड के विद्यार्थियों द्वारा मंगलवार को हैंड वॉशिंग संबंधी एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें संक्रामक रोगों से बचाव के लिए आवश्यक व्यवहारिक जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम में हेल्थ केयर व्यावसायिक प्रशिक्षक अक्षय कुमार बंजारे ने विद्यार्थियों को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित हैंड वॉशिंग के सभी चरणों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सही तरीके से हाथ धोना एक सरल लेकिन अत्यंत प्रभावी उपाय है, जिसके माध्यम से कई तरह की बीमारियों जैसे वायरल संक्रमण, बैक्टीरियल इंफेक्शन, फूड पॉइजनिंग, सर्दी–जुकाम, डायरिया आदि से बचाव किया जा सकता है। उन्होंने प्रायोगिक प्रदर्शन करते हुए बच्चों को हाथ धोने के सात प्रमुख स्टेप-पाम टू पाम, बैक ऑफ हैंड, इंटरलॉकिंग फिंगर्स, रोटेशन ऑफ थंब, फिंगरटिप्स क्लीनिंग, रिस्ट वॉशिंग आदि को बारी-बारी से समझाया। विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि भोजन से पहले और बाद में, शौचालय उपयोग के बाद, कचरा छूने के बाद तथा स्कूल आने-जाने के दौरान हाथ धोना अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर हेल्थ केयर ट्रेड के विद्यार्थियों ने स्वच्छता और व्यक्तिगत साफ-सफाई के महत्व को पोस्टर, स्लोगन एवं संक्षिप्त प्रस्तुतियों के माध्यम से भी प्रदर्शित किया। विद्यार्थियों ने बताया कि स्वच्छता न केवल स्वास्थ्य को सुरक्षित रखती है बल्कि आत्मविश्वास, व्यक्तित्व विकास और सामाजिक परिवेश को भी सकारात्मक बनाती है।विद्यालय के प्राचार्य हेमंत देवांगन ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में हेल्थ केयर विषय विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के प्रायोगिक कार्यक्रमों से विद्यार्थियों में व्यवहारिक ज्ञान विकसित होता है तथा वे समाज में स्वास्थ्य जागरूकता के दूत बनकर उभरते हैं।
कार्यक्रम में व्याख्याता रवींद्र नेताम, रामबती मौर्य, हेमा सिन्हा, निशा बागड़े, चंद्रकांत देशमुख, विनायक सिंह, आईटी प्रशिक्षिका निमिता साहू सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और विद्यार्थियों को प्रेरित किया। सभी शिक्षकों ने हेल्थ केयर विभाग द्वारा आयोजित इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में स्वच्छता के प्रति सकारात्मक आदतें विकसित करते हैं। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए स्वस्थ एवं स्वच्छ रहने का संकल्प लिया।