
कोरबा। एसईसीएल की गेवरा माइंस में रोजगार, पुनर्वास और मुआवजा की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे भू-विस्थापितों पर CISF जवानों ने लाठीचार्ज कर दिया। लाठीचार्ज में कई ग्रामीण घायल हो गए, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद आक्रोशित प्रदर्शनकारी दीपका थाना पहुंच गए और जवानों पर कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा किया।
शांतिपूर्ण आंदोलन में मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ किसान सभा के नेतृत्व में गेवरा क्षेत्र के प्रभावित गांवों के भू-विस्थापित शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे।
उनकी मुख्य मांगें —
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एसईसीएल से स्थायी रोजगार,
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बसावट की व्यवस्था, और
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लंबित मुआवजा का भुगतान।
प्रदर्शन स्थल पर पुलिस और CISF के जवानों की भारी तैनाती थी। इसी दौरान जब एसईसीएल अधिकारी वार्ता के लिए बुला रहे थे, तभी एक CISF अधिकारी और प्रदर्शनकारियों के बीच कहासुनी हो गई।देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि जवानों ने लाठियां चला दीं।
लाठीचार्ज के बाद मचा अफरातफरी
अचानक हुए लाठीचार्ज से प्रदर्शन स्थल पर अफरातफरी मच गई। महिलाएं और बुजुर्ग भी चोटिल हुए। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना किसी उकसावे के CISF ने बल प्रयोग किया। घटना के बाद गुस्साए प्रदर्शनकारी दीपका थाना पहुंचे, जहां उन्होंने सीआईएसएफ अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
प्रशासन ने जांच का भरोसा दिया
थाना प्रभारी ने प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश की और कहा कि घटना की जांच की जाएगी। वहीं, छत्तीसगढ़ किसान सभा ने चेतावनी दी है कि अगर दोषियों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। गौरतलब है कि गेवरा क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण वर्षों से भूमि अधिग्रहण के बदले रोजगार और पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। कई बार लिखित आश्वासन मिलने के बावजूद समाधान नहीं निकल पाया, जिसके चलते आंदोलन ने फिर जोर पकड़ा है।