रायपुर। राजधानी रायपुर के सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक वायरल वीडियो में बैरक नंबर 15 में बंद NDPS का आरोपी मोहम्मद रशीद अली उर्फ राजा बैझड़ मोबाइल फोन के जरिए अपने परिवार से वीडियो कॉल पर बात करता दिख रहा है। यह वीडियो, जो 13 से 15 अक्टूबर 2025 के बीच का बताया जा रहा है, खुद आरोपी ने बनवाया और सोशल मीडिया पर वायरल किया, ताकि जेल के भीतर अपने दबदबे का प्रदर्शन कर सके।
जेल में कसरत, सेल्फी और वसूली का खेल
वीडियो में राजा बैझड़ न केवल वीडियो कॉल करते दिख रहा है, बल्कि जेल में कसरत करते और अपने साथियों के साथ सेल्फी लेते हुए भी नजर आ रहा है। पिछले तीन महीनों से जेल में बंद यह आरोपी सोशल मीडिया पर सक्रिय है, जो जेल प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है। सूत्रों के मुताबिक, राजा बैझड़ जेल के अंदर से ही वसूली और नशे के नेटवर्क को संचालित कर रहा है, जिसमें जेल के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत का भी आरोप है।

पुलिस रिकॉर्ड और गिरफ्तारी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, राजा बैझड़ को थाना टिकरापारा पुलिस ने 11 जुलाई 2025 को NDPS एक्ट की धारा 20(बी) के तहत गिरफ्तार किया था। उस पर क्राइम नंबर 317/25 दर्ज है। इसके बावजूद, वह जेल के भीतर से खुलेआम गतिविधियां चला रहा है, जिससे जेल की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
पहले भी विवादों में रहा रायपुर सेंट्रल जेल
यह पहली बार नहीं है जब रायपुर सेंट्रल जेल चर्चा में है। इससे पहले गैंगस्टर अमन साव का जेल के अंदर से फोटोशूट वायरल होने पर जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। अमन साव को बाद में झारखंड पुलिस ने एक एनकाउंटर में मार गिराया था। उस घटना में भी जेल कर्मचारियों पर मिलीभगत और सुरक्षा चूक के आरोप लगे थे। राजा बैझड़ का यह वीडियो जेल के भीतर मोबाइल फोन के इस्तेमाल और अपराधियों की बेरोकटोक गतिविधियों का सबूत है। यह सवाल उठता है कि क्या जेल प्रशासन की नाक के नीचे अपराधी खुलेआम अपने नेटवर्क चला रहे हैं? इस मामले में कड़ी जांच और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो रही है।