छत्तीसगढ़ में ऑपरेशन निश्चय: अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़, मुख्य सरगना रूपिन्दर सिंह गिरफ्तार

रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस ने “ऑपरेशन निश्चय” के तहत नशे के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क के मुख्य सरगना रूपिन्दर सिंह उर्फ पिन्दर उर्फ पाबलो को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई रायपुर के कबीरनगर थाना क्षेत्र में वीर सावरकर नगर के बंगाली होटल के पास की गई, जहां पुलिस ने रूपिन्दर को रंगे हाथों हेरोइन (चिट्टा) और हथियारों के साथ पकड़ा। इस ऑपरेशन में पुलिस ने 91 ग्राम अफीम, 87 ग्राम हेरोइन, एक कंट्री मेड पिस्टल, 82 जिंदा कारतूस और चार मोबाइल फोन सहित लगभग 35 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की।

अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क पर करारी चोट

रूपिन्दर सिंह, जो पंजाब के तरणतारण जिले का निवासी है, पाकिस्तान से पंजाब के रास्ते छत्तीसगढ़ में हेरोइन की तस्करी का प्रमुख संचालक था। वह वर्चुअल नंबरों और व्हाट्सएप कॉलिंग का उपयोग करके अपने नेटवर्क को संचालित करता था, जिससे उसकी पहचान छिपाने में मदद मिलती थी। पुलिस के अनुसार, रूपिन्दर विभिन्न छद्म नामों जैसे पिन्दर और पाबलो किंग का इस्तेमाल करता था ताकि जांच एजेंसियों को चकमा दे सके।

“ऑपरेशन निश्चय” के तहत रायपुर पुलिस ने अब तक इस नेटवर्क के दो प्रमुख ड्रग्स कार्टल को ध्वस्त किया है। इस अभियान में 42 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और 2 करोड़ 11 लाख रुपये कीमत की हेरोइन बरामद की गई है। यह कार्रवाई टिकरापारा, तेलीबांधा, कोतवाली, कबीरनगर और आमानाका थानों में दर्ज प्रकरणों के तहत की गई है।

संयुक्त कार्रवाई और जब्त सामग्री

पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और कबीरनगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। 29 अगस्त को मिली सूचना के आधार पर टीम ने रूपिन्दर को वीर सावरकर नगर में पकड़ा। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह पाकिस्तान से हेरोइन की खेप पंजाब के रास्ते लाता था और इसे रायपुर, बिलासपुर, धमतरी सहित अन्य जिलों में सप्लाई करता था।

इसके साथ ही, प्रकरण में तीन अन्य आरोपियों—नौशाद खान, मोहम्मद खान और अरबाज खान—को भी एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 के तहत गिरफ्तार किया गया। रूपिन्दर की मां, रानो ढिल्लन, को भी आमानाका थाने के एक प्रकरण में गिरफ्तार किया गया है।

ड्रग्स तस्करी का जाल और ऑनलाइन भुगतान

रूपिन्दर ने अपने नेटवर्क में पहले से गिरफ्तार आरोपियों जग्गू, विजय मोटवानी और सूरज उर्फ भूषण शर्मा के साथ मिलकर ड्रग्स की सप्लाई को अंजाम देता था। यह गिरोह ग्राहकों को वीडियो और लोकेशन शेयरिंग के जरिए ड्रग्स उपलब्ध कराता था, जिसमें भुगतान क्यूआर कोड के माध्यम से ऑनलाइन किया जाता था। इस नेटवर्क का संचालन इतना सुनियोजित था कि यह कई राज्यों में फैला हुआ था।

पहले भी जेल जा चुका है रूपिन्दर

पुलिस के अनुसार, रूपिन्दर सिंह पहले भी रायपुर में नारकोटिक्स एक्ट और पंजाब में आर्म्स एक्ट के तहत जेल जा चुका है। वह कई मामलों में फरार था और रायपुर में दर्ज कई प्रकरणों में उसकी तलाश थी। इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि नेटवर्क के अन्य सदस्यों का भी पता लगाया जाएगा।

ऑपरेशन निश्चय” का मकसद

“ऑपरेशन निश्चय” का फुल फॉर्म है—Narcotics, Investigation, Suppression, Control, Halt, Action for Youth & Society। इसका उद्देश्य नारकोटिक्स पर नियंत्रण, सघन जांच, दमनात्मक कार्रवाई, अपराधों पर रोकथाम और युवाओं व समाज को सुरक्षित भविष्य प्रदान करना है। इस अभियान के तहत रायपुर पुलिस ने 250 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें 100 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए।

आगे की कार्रवाई

पुलिस ने धमतरी जिले से भी एक अन्य संदिग्ध को हिरासत में लिया है, जिससे पूछताछ जारी है। जांच में शामिल एजेंसियां—इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और एटीएस—इस नेटवर्क के अन्य कनेक्शनों का पता लगाने में जुटी हैं। रायपुर पुलिस का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी के इस जाल को पूरी तरह से खत्म करने के लिए छापेमारी और जांच का सिलसिला जारी रहेगा।

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