
भोपालपटनम। विकासखण्ड स्तरीय “सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा” वाद-विवाद प्रतियोगिता का भव्य आयोजन बीआरसी कार्यालय भोपालपटनम में किया गया। इस प्रतियोगिता में विकासखण्ड के समस्त हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर रोकथाम हेतु विद्यार्थियों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता लाना, दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए प्रेरित करना तथा छात्र-छात्राओं की प्रतिभा को मंच प्रदान करना था।
प्रतियोगिता में प्रत्येक विद्यालय से 10-10 विद्यार्थियों का दल गठित किया गया। इन दलों ने पक्ष एवं विपक्ष में अपने विचार रखते हुए सड़क सुरक्षा विषय पर प्रभावशाली वाद-विवाद प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने सड़क नियमों का पालन, यातायात संकेतों की अनदेखी से होने वाले दुष्परिणाम, हेलमेट और सीटबेल्ट के महत्व, नशे में वाहन चलाने से होने वाले खतरे जैसे विषयों पर अपने तर्क एवं तथ्यों से श्रोताओं को प्रभावित किया।
इस अवसर पर निर्णायक मंडल में सहायक खण्ड शिक्षा अधिकारी श्रीनिवास एट्ला, विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक यालम शंकर, जिला नोडल अधिकारी नरवेद सिंह, सेजेस भोपालपटनम के प्राचार्य एन. राजेश, ट्रैफिक पुलिस अधिकारी अवध सिन्हा एवं अनिल जाटव विशेष रूप से उपस्थित रहे। निर्णायकों ने विद्यार्थियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि आज की पीढ़ी को सड़क सुरक्षा की गहरी समझ होनी चाहिए, तभी समाज में दुर्घटनाओं की संख्या घट सकती है।
प्रतियोगिता के परिणाम में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल, भोपालपटनम ने प्रथम स्थान प्राप्त कर ₹2500 का पुरस्कार जीता। डीएवी स्कूल, उल्लूर को द्वितीय स्थान तथा ₹2000 का पुरस्कार मिला। वहीं पीएमश्री स्कूल, पेगड़ापल्ली ने तृतीय स्थान पाकर ₹1500 की पुरस्कार राशि अर्जित की। इसके अतिरिक्त शा.उ.मा.वि. मद्देड़, हाई स्कूल रूद्रारम एवं स्वामी आत्मानंद स्कूल सकनापल्ली को सांत्वना पुरस्कार स्वरूप ₹1000-₹1000 प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में ट्रैफिक पुलिस अधिकारी अवध सिन्हा ने विद्यार्थियों को गीत के माध्यम से सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी देकर वातावरण को रोचक और शिक्षाप्रद बनाया। वहीं सहायक खण्ड शिक्षा अधिकारी ने मंच संचालन करते हुए बच्चों को अपने कर्तव्यों एवं समाज में सकारात्मक सहभागिता के महत्व पर प्रेरणादायी विचार व्यक्त किए।
समापन अवसर पर विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए गए। प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं की ऊर्जा, वाक्पटुता एवं विषय पर पकड़ देखकर उपस्थित अतिथि एवं शिक्षण समुदाय प्रभावित हुए। कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं स्थानीय प्रशासन का सहयोग उल्लेखनीय रहा।