0 याद ए मौसिकी के कलाकारों ने जीता दिल
जगदलपुर। याद- ए- मौसिकी संगीत समूह जगदलपुर की संगीत यामिनी में मुहम्मद रफी और किशोर कुमार के चुनिंदा गीतों की प्रस्तुति ग्रुप के कलाकारों ने दी। ग्रुप के अध्यक्ष और प्रस्तुतकर्ता संजय देवांगन ने बताया कि ग्रुप द्वारा प्रतिमाह दिवंगत संगीतकारों के गीतों का लाईव कार्यक्रम किया जाता है। आकांक्षा होटल के सभागार में यह प्रथम मंचीय कार्यकम हुआ है। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा की प्रदेश मंत्री दीप्ति पांडे ने की। अति विशिष्ट अतिथि डॉ. ज्योति लागू ने भी ‘आ चल के तुझे मैं लेके चलूं’ गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। विशिष्ट अतिथियों में करमजीत कौर, मधु गुरु कुशवाहा, श्यामवती देवांगन, अनिता राज राजैया, रेखा सिंग, सुनीता सिंह, मोहन जोशी, वंदना राठौर, ओंकार पाण्डे शामिल थे। अध्यक्ष संजय देवांगन ने पार्वती के साथ “तुम्हारी नजर क्यूं खफा हो गई” गाकर समां बांध दिया। आशा आचार्य ने हमें तुमसे प्यार कितना, अभय ने ‘मुझो दर्दे दिल’ संगीता ने जिंदगी के सफर, गीत गाए। शांति देवांगन ने “जवानी ओ दीवानी तू जिंदाबाद”. संजीव शील ने ‘घुंघरू की तरह’ गीत, सुनिल सिंह ने ‘मुझे ईश्क है तुझीसे गीत गाया। ललिता और संजय ने युगल गीत ‘आंखों आंखो में हम तुम हो दीवाने’, आभा ने ‘बेकरार दिल तू गाए जा’। समवेत कोरस में कार्यकम का शीर्ष के गीत “तुम बिन जाऊं कहां गाकर, रफी किशोर को श्रद्धांजलि दी गई। शांति संजीव ने जाना क्या अजी प्यार बिना, गाया। विशिष्ट अतिथि मधु गुरु के साथ संजय ने गीत “दीवाना हुआ बादल सावन की घटा छाई”, गाकर खूब तारीफें बटोरी। अध्यक्ष संजय देवांगन ने मधु गुरु कुशवाहा को याद-ए-मौसिकी में शामिल करने की घोषणा मंच से की। मुख्य वक्ता दीप्ति पाण्डे ने कार्यकम की सराहना करते हुए कहा कि अमर गायकों एवं संगीतकारों के गीतों का कार्यकम उनको सच्ची श्रद्धांजलि है। मोहन जोशी ने माता के स्थान पर प्रकाश डाला। अंत में माताजी की महिमा के बखान एवं मां के आशीर्वाद उपरांत या-ए-मौसिकी के अध्यक्ष संजय देवांगन ने अतिथियों को साधुवाद देते हुए आभार प्रदर्शन किया।