रायपुर। पाकिस्तान से होते हुए पंजाब के रास्ते छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर तक फैले ड्रग्स तस्करी नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने कमल विहार सेक्टर-4 स्थित एक घर में दबिश देकर 1 करोड़ रुपये की 412 ग्राम हेरोइन बरामद की है। इस ऑपरेशन में अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े पंजाब के कुख्यात ड्रग तस्कर लवजीत सिंह उर्फ बंटी समेत कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
सूचना मिलने के बाद आईजी अमरेश मिश्रा और एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई थी। क्राइम ब्रांच एएसपी संदीप मित्तल के नेतृत्व में टीम ने सुनियोजित तरीके से कार्रवाई करते हुए पूरे गिरोह को दबोचा।
हाईटेक नेटवर्क, पाकिस्तान कनेक्शन की पुष्टि
पुलिस जांच में सामने आया है कि लवजीत सिंह पाकिस्तान से हेरोइन मंगवाता था और फिर उसे भारत के अलग-अलग राज्यों में फैले नेटवर्क के ज़रिए सप्लाई करता था। नेटवर्क में संचार के लिए इंटरनेट कॉलिंग, विदेशी नंबरों, वीडियो व लोकेशन शेयरिंग जैसे हाईटेक तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा था। लेन-देन के लिए फर्जी बैंक खातों (म्यूल अकाउंट्स) का सहारा लिया जा रहा था ताकि जांच एजेंसियों को गुमराह किया जा सके।
कमल विहार बना था हेरोइन का हब
3 अगस्त को रायपुर पुलिस की विशेष टीम ने कमल विहार सेक्टर-4 स्थित मकान में छापा मारा, जहां से मुख्य आरोपी लवजीत सिंह, सुवित श्रीवास्तव और अश्वन चंद्रवंशी को रंगेहाथ पकड़ा गया। पूछताछ में पूरे नेटवर्क की परतें खुलीं और पुलिस ने बाकी 6 आरोपियों को अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी और उनकी भूमिका:
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लवजीत सिंह उर्फ बंटी – पंजाब, गुरदासपुर का निवासी। पाकिस्तान से ड्रग्स मंगवाने वाला मुख्य सप्लायर।
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सुवित श्रीवास्तव – रायपुर में नेटवर्क का संचालन करता था, कमल विहार को हेरोइन हब में बदला।
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अश्वन चंद्रवंशी – मकान में स्थानीय स्तर पर सहयोग करता था।
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अन्य आरोपी – लक्ष्य परिफल राघव उर्फ लव, अनिकेत मालाधरे, मनोज सेठ, मुकेश सिंह, जुनैद खान उर्फ सैफ चिला, राजविंदर सिंह उर्फ राजू।
सबूतों की लंबी फेहरिस्त
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 412.87 ग्राम हेरोइन (कीमत ₹1 करोड़ से अधिक),क्रेटा कार (CG 04 QH 7491),मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, चेकबुक, ड्रग कंजम्पशन मटेरियल डिजिटल तौल मशीन और अन्य तकनीकी सबूत बरामद किए हैं।
आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी), 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये के लेन-देन और अंतरराष्ट्रीय तस्करी से जुड़े लिंक सामने आए हैं। पुलिस का दावा है कि नेटवर्क अभी और विस्तृत है, और कुछ और नामों की पहचान हो चुकी है। आने वाले दिनों में अधिक गिरफ्तारियां संभावित हैं।