० तहसीलदार,नायब तहसीलदार की मांगे जायज, डबल इंजन की भाजपा सरकार को विकास से नहीं कोई सरोकार–सुशील मौर्य
जगदलपुर। बस्तर जिले में चल रही तहसीलदार और नायब तहसीलदारों की अनिश्चितकालीन हड़ताल को अब राजनीतिक समर्थन भी मिलना शुरू हो गया है। शनिवार को बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर हड़ताल को समर्थन दिया।
तहसील कार्यालय पहुंचकर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों की 17 सूत्रीय मांगों का समर्थन करते हुए भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान तहसीलदारों की मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा गया।
सरकार संवेदनहीन और तानाशाही रवैया अपना रही – मौर्य
जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि राजपत्रित प्रशासनिक अधिकारी एक सप्ताह से अधिक समय तक हड़ताल पर हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि भाजपा सरकार को न तो प्रशासनिक तंत्र की चिंता है और न ही प्रदेश के विकास से कोई सरोकार।
उन्होंने कहा कि तहसीलदार और नायब तहसीलदारों की मांगें पूरी तरह जायज हैं, लेकिन सरकार न संवाद कर रही है, न समाधान का प्रयास। स्कूल खुलने के बाद जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र जैसी ज़रूरी सेवाएं बाधित हैं। राजस्व रिकॉर्ड सुधार से लेकर कानून व्यवस्था बनाए रखने में इन अधिकारियों की अहम भूमिका होती है, जिसे सरकार नजरअंदाज कर रही है।
मौजूद रहे कई कांग्रेस नेता
इस प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी, उपनेता प्रतिपक्ष कोमल सेना, सहदेव नाग, जिला महामंत्री निकेत झा, युवा नेता अनुराग महतो, अभिषेक डेविड, ललिता राव, आभास महंती और सिद्धार्थ तिवारी सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे।