जगदलपुर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) बस्तर में 28 जुलाई से 1 अगस्त 2025 तक कक्षा 6वीं की नई अंग्रेजी पाठ्यपुस्तक ‘पूर्वी’ पर आधारित पांच दिवसीय शिक्षक उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2023 के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को ‘पूर्वी’ पाठ्यपुस्तक की संरचना, शिक्षण पद्धति, अधिगम परिणामों और पाठ्यचर्यात्मक लक्ष्यों से अवगत कराना था। प्रशिक्षण में बस्तर और कोण्डागांव जिलों से चयनित 36 प्रतिभागियों ने भाग लिया। ये प्रतिभागी भविष्य में अपने-अपने विकासखंडों में अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे।
प्रशिक्षण के दौरान मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता, बहुभाषावाद तथा स्थानीयता आधारित शिक्षण जैसे प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रशिक्षण ने शिक्षकों को नई शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षण दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।
समापन समारोह में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) रायपुर से शासकीय शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय के प्राचार्य एवं राज्य नोडल अधिकारी NEP 2020 आलोक शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागियों को ऐसे कार्यक्रमों के महत्व और नवाचार आधारित शिक्षण के लाभों के बारे में संबोधित किया।
प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बताते हुए अपने विद्यालयों में नवाचारों को लागू करने की प्रतिबद्धता जताई।
कार्यक्रम को सफल बनाने में डायट प्राचार्य नीतिन डड्सेना, मार्गदर्शक डॉ. स्टेनली जॉन, नोडल अधिकारी राजेन्द्र जोशी तथा मास्टर ट्रेनर्स विनय शिन्दे, मोहनलाल बोगा एवं महेन्द्र कश्यप की अहम भूमिका रही।