0 आज प्रदेश के सभी जिलों में ईडी का पुतला दहन, 3 को ईडी दफ्तर का घेराव
0 प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बैज ने घेरा सरकार को
जगदलपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने ईडी द्वारा प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू को ईडी दफ्तर में घंटों बिठाए रखने को लेकर ईडी और भाजपा पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस के सभी कार्यालय कार्यकर्ताओं के पसीने की कमाई से बनाए गए हैं। हम निर्माण मिलगे एक एक पैसे का हिसाब देने तैयार हैं। ईडी भाजपा के दफ्तरों की भी जांच करे।
पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए दीपक बैज ने कहा कि ईडी के समन के आधार पर जानकारी देने गए कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू को जबरिया ईडी ऑफिस में घंटों बिठाए रखना बेहद आपत्तिजनक है। ईडी ने कांग्रेस से उसके जिला कार्यालय के निर्माण के संबंध में जानकारी मांगी थी। प्रभारी महामंत्री ईडी द्वारा चाही गई जानकारी देने ईडी ऑफिस गए थे। जानकारी प्राप्त करने के तुरंत बाद ईडी को उन्हें वापस आने देना चाहिए था। ईडी को कुछ अतिरिक्त जानकारी चाहिए थी, तो उसे वह लिखित में मांग सकती थी, सारी जानकारी उपलब्ध करा देते। श्री बैज ने कहा कि कांग्रेस अपने कार्यालयों के निर्माण के एक-एक रू. का हिसाब देगी। ईडी ने भाजपा के इशारे पर कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी को अनावश्यक घंटों बिठाए रखा। ईडी भाजपा के अनुषांगिक संगठन की तरह काम कर रहा है जो सर्वथा अस्वीकार्य है। ईडी ने कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री से जो सवाल किया उससे साफ हो रहा था कि ईडी की मंशा कांग्रेस पदाधिकारी को प्रताड़ित करना है। प्रभारी महामंत्री इडी के सवालो का जवाब देने गए थे फिर उनके व्यक्तिगत, पारिवारिक संपत्ति का ब्योरा क्यों मांगा गया? समन में चार बिंदु थे उसमें यह तो नहीं था। ईडी नगर निगम कब से हो गया, वह बिल्डिंग का नक्शा कब पास हुआ, लेआऊट कहां है, छज्जा कितना निकला है, ऊंचाई कितनी है? यह सवाल पूछ रहा है। नक्शा पास हुआ या नहीं लोकल पालिका पूछेगी सिर्फ परेशान करने की नीयत है साफ दिख रहा है। क्या ईडी सभी कांग्रेस के पदाधिकारियों की संपत्ति की जांच के एजेंडे पर आया था। दीपक बैज ने कहा कि ईडी की तानाशाही के विरोध में सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ने का निर्णय कांग्रेस कार्यकारिणी ने लिया है। 1 मार्च को सभी जिलों में ईडी का पुतला दहन किया जाएगा। 3 मार्च को ईडी आफिस के सामने बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
भाजपा की भी ले जानकारी
श्री बैज ने कहा कि ईडी को राजनैतिक दल के कार्यक्रमों के खर्चों एवं पार्टी दफ्तर के निर्माण का ब्यौरा जानने का इतना ही शौक है तो सिर्फ कांग्रेस का ही क्यों वह भाजपा के भी खर्चों की पड़ताल करे। ईडी में साहस है तो वह भाजपा के 150 करोड़ रू. की लागत से बने भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर को बनाने का रुपया कहां से आया इसकी जांच करे? कुशाभाऊ ठाकरे परिसर फाईव स्टार होटल की तर्ज पर बनाया गया है। रायपुर में ही भाजपा के कार्यालय एकात्म परिसर की जमीन राजनैतिक दल के कार्यालय के लिये भाजपा ने 1 रू. में हासिल की थी। एकात्म परिसर को व्यवसायिक काम्प्लेक्स में तब्दील कर दिया गया जहां से डेढ़ करोड़ रूपया किराया भाजपा वसूलती है। क्या ईडी उसकी जांच करेगा? भाजपा के पितृ संगठन जिसका पंजीयन तक नहीं है उस आरएसएस ने 500 करोड़ की लागत से दिल्ली में अपना दफ्तर बनाया है। इस रकम के स्रोत की ईडी जांच क्यों नहीं करता है? ईडी भाजपा के लिखी पटकथा पर अमल कर रहा है। कांग्रेस कार्यालय की जांच हो सकती है तो भाजपा के कार्यालयों की जांच क्यों नहीं होना चाहिए? हमारा भवन हमारे कार्यकर्ताओं के सहयोग से एकत्रित किए धन से बनाया गया है हमारे पास पूरा हिसाब है। हमारे सुकमा राजीव भवन की कुल लागत 65 लाख रू. लगभग है। कोंटा के भवन की निर्माण की लागत 20 लाख लगभग है जो अभी अपूर्ण है। जिसका पूरा पेमेंट पीसीसी ने चेक से किया है। एक-एक खर्च का ऑडिट हुआ है।
पुलिस मेरी जासूसी कर रही : बैज
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पिछले दिनों हम सबने देखा कि इस सरकार ने प्रशासनिक आतंक से किस प्रकार से स्थानीय निकाय चुनाव को प्रभावित किया। उसके बाद भी इनका जी नहीं भरा। ईडी पीसीसी कार्यालय आती है और दंतेवाड़ा से सीजी अट्ठारह सीरीज की गाड़ी आती है। पिछली रात 12 बजे से लेकर सोमवार दिनभर और फिर रात 12 बजे तक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निवास में जासूसी करती है। वहां टीआई रैंक के अधिकारी, एक सब इंस्पेक्टर और सिपाही आते है, चौबीस घंटे तक जासूसी करते है आखिर क्यों? ऐसी क्या आवश्यकता पड़ी कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निवास में घर के गेट के लेफ्ट और राइट दोनों साइड खड़े होकर आप जासूसी करते हैं क्यों? मुझे दिन से पता था कि दंतेवाड़ा से गाड़ी आई है और घर के बाहर जासूसी कर रही है, लेकिन व्यस्तता की वजह से मैंने इग्नोर कर दिया, जब रात को हम लोगों ने पुनः देखा कि गाड़ी आसपास घूम रही है, तब स्वयं हम लोग कार्यकर्ता के साथ गए। हमने पूछा कि दंतेवाड़ा की गाड़ी यहां क्या कर रही है? उनके पास कोई जवाब नहीं था और कहा कि हम ऐसे ही आए हैं, कुछ काम नहीं है, फिर हमने पूछा कौन भेजा है? एडिशनल एसपी दंतेवाड़ा को हमने फोन किया क्यों भेजा? किस लिए भेजा? उसके पास भी कोई जवाब नहीं था। उसके बाद फिर हमारे जिलाध्यक्ष का नाम लेते हुए कहा कि उनकी देखरेख के लिए हम आए हैं। मैंने कहा उनका घर तो आपके जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर पीछे है, वह घर में सोए है वहां गए थे क्या? देवेन्द्र नगर रायपुर में उनका घर नहीं है, आपके पास नोटिस है क्या? गिरफ्तारी वारंट है क्या? या कोई नोटिस है क्यों उनको खोज रहे है? मतलब साफ है कि प्रदेश अध्यक्ष के घर में कौन स्थानीय निकाय चुनाव जीता हुआ जनप्रतिनिधि आ रहे हैं, जिला पंचायत के मेंबर, जनपद के सदस्य रहे हैं, उन पर निगरानी रखी जा रही है। दंतेवाड़ा के एएसपी किसके इशारे पर काम कर रहे हैं? क्या भारतीय जनता पार्टी और सरकार के एजेंट बनकर काम कर रहा है? उस दिन मैंने कहा कि कलेक्टर और एसपी और बहुत से पुलिस अधिकारी पूरी तरह से सरकार के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं कि जनपदों में कांग्रेस के चुने हुए जनपद सदस्य को डराओ, धमकाओ, उठाओ, बंदूक की नोक पर भाजपा का जनपद अध्यक्ष बनाओ। जिला पंचायतों में भी कांग्रेस के जीते हुए सदस्यों को बंदूक की नोक पर उठा ले जाओ और भारतीय जनता पार्टी का अध्यक्ष बनाओ। मैंने कहा था कि फॉर्च्यूनर का ऑफर चल रहा है, इनोवा का ऑफर चल रहा है, स्कॉर्पियो का ऑफर चल रहा है, पैसे का खुलेआम ऑफर चल रहा है। यह सोमवार को साबित हो गया। हम बिना तथ्य बिना के आरोप नहीं लगा रहे सारे आरोप तथ्यात्मक रूप से सही हैं। हमने गाड़ी को पकड़ा है, हमारे कार्यकर्ताओं ने गाड़ी को पकड़ा और मीडिया के साथ पूरे प्रदेश की जनता ने देखा कि लोकतंत्र को कुचलने के लिए भारतीय जनता पार्टी की सरकार किस हद तक जा सकती है। इससे बड़ा उदाहरण नहीं हो सकता। हमने भी पांच साल सरकार चलाई, हमारी कांग्रेस की सरकार थी, नगरीय निकाय चुनाव हमारी सरकार में पारदर्शितापूर्ण तरीके से हुए। बैलेट पेपर से कराए। कहीं कोई दिक्कत नहीं आई। बंदूक की नोक पर हम लोगों ने डराने धमकाने का काम नहीं किया, जो यह सरकार कर रही है। यह लोकतंत्र के लिए घातक है, बंदूक की नोक पर सरकार चुनाव जीतना चाहती है। हम निष्पक्षतापूर्ण जांच और कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं।