रायपुर। छत्तीसगढ़ में व्यापार अनुज्ञापन यानी ट्रेड लाइसेंस की प्रक्रिया और शुल्क व्यवस्था को लेकर कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव की पहल की सराहना की है। CAIT ने कहा कि शासन द्वारा व्यापारियों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से लेते हुए प्रक्रिया को सरल और एकरूप बनाने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
CAIT के राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य अमर पारवानी, छत्तीसगढ़ इकाई के चेयरमेन जितेन्द्र दोशी, विक्रम सिंहदेव, प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन, वाइस चेयरमेन सुरिन्दर सिंह, जीवत बजाज, प्रदेश महामंत्री अवनीत सिंह, प्रदेश कोषाध्यक्ष विजय पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष राजेन्द्र जग्गी, वासु माखीजा, राम मंधान, भरत जैन, राकेश ओचवानी एवं शंकर बजाज ने संयुक्त रूप से बताया कि ट्रेड लाइसेंस शुल्क और उससे जुड़ी प्रक्रियाओं को लेकर संगठन लंबे समय से शासन के समक्ष व्यापारियों की समस्याएं रखता रहा है। 6 जुलाई 2026 को CAIT की ओर से प्रस्तुत पत्र के आधार पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने विभिन्न मांगों का तकनीकी, व्यावहारिक और तुलनात्मक आधार पर परीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी है।
अमर पारवानी ने कहा कि उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने व्यापारियों के हितों से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए विभागीय अधिकारियों को विस्तृत परीक्षण के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि CAIT इस सकारात्मक पहल के लिए उपमुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग का आभार व्यक्त करता है।
43 श्रेणियों के व्यापारियों को मिली राहत
CAIT ने 25 जून 2026 को शासन द्वारा किए गए संशोधन का भी स्वागत किया है। संगठन के अनुसार, इस संशोधन के तहत 43 श्रेणियों के व्यापार और व्यवसायों के लिए ट्रेड लाइसेंस प्रक्रिया में सरलीकरण करते हुए राहत प्रदान की गई है। CAIT ने इसे व्यापारियों के हित में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम बताया है। संगठन का कहना है कि प्रदेशभर में व्यापार अनुज्ञापन की व्यवस्था को एक समान बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से व्यापारियों को राहत मिलेगी। CAIT ने ‘वन स्टेट, वन रूल’ की अवधारणा का समर्थन करते हुए कहा कि सभी नगरीय निकायों में एकरूप नियम लागू होने से शुल्क और प्रक्रियाओं की असमानता कम होगी।
डिजिटल व्यवस्था से होगी प्रक्रिया आसान
अमर पारवानी ने कहा कि ट्रेड लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन, शुल्क भुगतान और अनुज्ञप्ति जारी करने की डिजिटल व्यवस्था से व्यापारियों के लिए पूरी प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी होगी। इससे अनावश्यक कार्यालयीन चक्कर कम होंगे और व्यापारिक कामकाज में आसानी आएगी। उन्होंने कहा कि व्यापारिक प्रक्रियाओं का सरलीकरण, अनावश्यक अनुपालन में कमी और डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा देने जैसे कदम प्रदेश में Ease of Doing Business को मजबूत करेंगे। इससे छत्तीसगढ़ में व्यापार के लिए बेहतर और अनुकूल वातावरण तैयार होगा।
शेष मांगों को लेकर फिर शासन से मिलेगा CAIT
CAIT ने स्पष्ट किया है कि विभाग द्वारा तैयार की गई परीक्षण रिपोर्ट का संगठन अध्ययन कर रहा है। व्यापारियों की कुछ मांगें अभी भी लंबित हैं, जिनके युक्तियुक्त और व्यावहारिक समाधान के लिए संगठन जल्द ही शासन के समक्ष अपना पक्ष रखेगा।
अमर पारवानी ने कहा कि CAIT का उद्देश्य केवल व्यापारियों की समस्याओं को सामने रखना ही नहीं, बल्कि शासन के साथ सकारात्मक संवाद के माध्यम से उनके व्यावहारिक समाधान तक पहुंचना है। संगठन आगे भी शासन के साथ समन्वय बनाकर शेष मुद्दों पर चर्चा करेगा।
CAIT ने विश्वास जताया है कि सरकार और व्यापारिक संगठनों के बीच लगातार संवाद और सहयोग से ट्रेड लाइसेंस से जुड़े लंबित विषयों का भी सकारात्मक समाधान निकाला जाएगा। संगठन ने प्रदेश में व्यापारियों के लिए सरल, पारदर्शी और सुगम व्यवस्था विकसित करने की दिशा में शासन के प्रयासों का स्वागत किया है।