आस्था की रेल से अयोध्या धाम रवाना हुए 850 श्रद्धालु, रामलला के साथ काशी विश्वनाथ के भी करेंगे दर्शन

० श्री रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए प्रभु श्रीराम के दर्शन

० कृषि मंत्री रामविचार नेताम, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा सहित जनप्रतिनिधियों ने ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

रायपुर। छत्तीसगढ़ की धरती से प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या धाम तक आस्था और श्रद्धा का एक और कारवां आज रवाना हुआ। छत्तीसगढ़ शासन की श्री रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत रायपुर रेलवे स्टेशन से 850 श्रद्धालुओं को लेकर विशेष ट्रेन अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। स्टेशन परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की चहल-पहल, भक्ति गीतों और जय श्रीराम के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। रामलला के दर्शन की उमंग से श्रद्धालुओं के चेहरे खिले हुए थे और पूरा स्टेशन आस्था के उत्सव में बदल गया।

विशेष ट्रेन को कृषि मंत्री रामविचार नेताम, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, अभनपुर विधायक इंद्र कुमार साहू, रायपुर उत्तर विधायक पुरेंद्र मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों ने सभी श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और उनकी मंगलमय, सुरक्षित एवं सुखद यात्रा की कामना की। पर्यटन विभाग के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य,  सौमिल रंजन चौबे, रायपुर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुमार विश्वरंजन सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

50 हजार से अधिक श्रद्धालु कर चुके हैं रामलला के दर्शन

श्री रामलला दर्शन योजना मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक चेतना और जनभावनाओं को सम्मान देने वाली महत्वपूर्ण पहल के रूप में आगे बढ़ रही है। योजना के अंतर्गत अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम पहुंचकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का अयोध्या धाम जाकर रामलला के दर्शन करना इस योजना की व्यापक स्वीकार्यता और जनआस्था से इसके गहरे जुड़ाव को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन की यह पहल इस भावना को साकार करती है कि प्रदेश के हर पात्र श्रद्धालु को देश के प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा का अवसर सहज, सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से मिल सके। छत्तीसगढ़ का भगवान श्रीराम से विशेष भावनात्मक और सांस्कृतिक संबंध है। वनवास काल की स्मृतियों से जुड़ी छत्तीसगढ़ की धरती से अयोध्या धाम तक श्रद्धालुओं का यह सफर धार्मिक आस्था के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को भी जोड़ रहा है।

रामलला के साथ काशी विश्वनाथ के दर्शन का भी मिलेगा सौभाग्य

इस यात्रा को और अधिक आध्यात्मिक एवं तीर्थमय बनाने के लिए श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में श्री रामलला के दर्शन के साथ वाराणसी में बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन का भी अवसर मिलेगा। इस प्रकार श्रद्धालु एक ही यात्रा में प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या और भगवान शिव की पावन नगरी काशी से जुड़ सकेंगे।

पर्यटन मंडल और आईआरसीटीसी ने की व्यापक व्यवस्थाएं

श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य शासन, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल और भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम द्वारा यात्रा को व्यवस्थित बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। विशेष ट्रेन के माध्यम से समूह में यात्रा होने से श्रद्धालुओं को यात्रा संबंधी अनेक सुविधाएं एक ही व्यवस्था के अंतर्गत उपलब्ध हो रही हैं।

यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भोजन एवं नाश्ता, आवास, स्थानीय आवागमन, तीर्थस्थलों के दर्शन तथा आवश्यक मार्गदर्शन जैसी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया जा रहा है। यात्रा में सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा और यात्रा मार्गदर्शन के लिए संबंधित कर्मचारी रहते हैं, ताकि श्रद्धालु बिना किसी चिंता के धार्मिक यात्रा का आनंद ले सकें।

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा यात्रियों के समन्वय और यात्रा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है, वहीं आईआरसीटीसी के माध्यम से रेल यात्रा और यात्रियों के ठहरने-भोजन जैसी व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रूप दिया जा रहा है। इससे प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी तीर्थयात्रा अधिक सहज और सुविधाजनक बन रही है।

स्टेशन पर दिखी भक्ति और उत्साह की अनूठी तस्वीर

रायपुर रेलवे स्टेशन पर विशेष ट्रेन के रवाना होने से पहले श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कोई हाथों में रामध्वज लिए दिखाई दिया तो कोई परिवार के साथ इस ऐतिहासिक यात्रा को लेकर उत्साहित नजर आया। स्टेशन परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को यात्रा की शुभकामनाएं दीं और भगवान श्रीराम के भजनों के साथ अयोध्या धाम की यात्रा के लिए प्रस्थान किया।

कई श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा वर्षों पुरानी मनोकामना पूरी होने जैसा अवसर थी। विशेष ट्रेन में सवार होते समय उनके चेहरे पर खुशी और आंखों में रामलला के दर्शन की प्रतीक्षा साफ दिखाई दे रही थी।

श्रद्धालुओं ने कहा – सपना हो रहा है साकार

विशेष ट्रेन से अयोध्या धाम रवाना हुए श्रद्धालुओं ने राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रामलला के दर्शन की उनकी वर्षों पुरानी इच्छा अब पूरी होने जा रही है। उन्होंने कहा कि आर्थिक या अन्य कारणों से जिन लोगों के लिए अयोध्या की यात्रा कठिन थी, उनके लिए राज्य शासन की यह योजना बड़ी सौगात है।

श्रद्धालुओं ने कहा कि सरकार ने केवल अयोध्या जाने की सुविधा ही नहीं दी, बल्कि यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने की जिम्मेदारी भी उठाई है। रामलला के दर्शन के साथ काशी विश्वनाथ के दर्शन का अवसर मिलना इस यात्रा को और भी विशेष बना रहा है।

एक श्रद्धालु ने भावुक होकर कहा कि हमने वर्षों से रामलला के दर्शन की इच्छा मन में संजोकर रखी थी। आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की इस योजना के कारण हमारा सपना पूरा होने जा रहा है। हम पूरे परिवार के साथ इस यात्रा को लेकर बहुत उत्साहित हैं।

एक अन्य श्रद्धालु ने कहा कि अयोध्या में रामलला के दर्शन और काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन का अवसर मिलना हमारे लिए जीवन का यादगार क्षण होगा। ऐसी सुविधा देने के लिए हम छत्तीसगढ़ शासन के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।

धार्मिक पर्यटन को मिल रही नई दिशा

विशेष ट्रेनों के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों के श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम ले जाने से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है और लोगों को देश की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। इस पहल से छत्तीसगढ़ और अयोध्या के बीच भगवान श्रीराम से जुड़े सांस्कृतिक संबंधों को भी नई मजबूती मिल रही है। प्रदेशवासियों के लिए भगवान श्रीराम केवल आराध्य नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक स्मृतियों का अभिन्न हिस्सा हैं।

जनभावनाओं के सम्मान की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की प्राथमिकता विकास के साथ-साथ प्रदेश की आस्था, संस्कृति और परंपराओं से जुड़े भावनात्मक पक्ष को सम्मान देना भी है। श्री रामलला दर्शन योजना इसी जनभावना का प्रत्यक्ष उदाहरण है। योजना के माध्यम से प्रदेश के हजारों श्रद्धालुओं को निःशुल्क और व्यवस्थित रूप से अयोध्या धाम की यात्रा का अवसर मिला है।

50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं द्वारा रामलला के दर्शन किया जाना इस बात का प्रमाण है कि योजना ने प्रदेश के विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों के लोगों को प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता देते हुए इस धार्मिक यात्रा को निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है।

आज रायपुर रेलवे स्टेशन से रवाना हुई विशेष ट्रेन भी इसी जनआस्था की यात्रा का एक नया अध्याय बनी। जय श्रीराम के जयघोष के बीच 850 श्रद्धालुओं की यह यात्रा केवल अयोध्या की ओर प्रस्थान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की आस्था, विश्वास और सांस्कृतिक भावनाओं का प्रभु श्रीराम की पावन नगरी से आत्मीय मिलन है।