0 जिला प्रभारी मंत्री कश्यप ने दंतेवाड़ा में किया ध्वजारोहण
0 नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर में विश्वास, सुरक्षा और विकास की आई नई सुबह : कश्यप
जगदलपुर। बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा दंतेवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और तिरंगे को नमन किया। उन्होंने आजादी के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों, जननायकों और मातृभूमि की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों के योगदान को स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की तथा प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें अपने गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण कराता है। महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. भीमराव अंबेडकर, वीर सावरकर सहित असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के साथ छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वाभिमान और स्वतंत्रता की अलख जगाने वाले धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुंडाधुर, गेंद सिंह, धुरवा राव, यादव राव, वेंकट राव, डेबरी धुर और आयतू माहरा जैसे जननायकों का संघर्ष हमारी पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी का ‘पराधीन सपनेहुं सुख नाहीं, संत कबीर की वाणी और बाबा गुरु घासीदास जी का ‘मनखे-मनखे एक समान’ का संदेश स्वतंत्रता, समानता और मानवीय गरिमा के मूल्यों को मजबूत करता है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता और अखंडता के लिए उनका योगदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
बस्तर में विकास की नई सुबह
मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के सशक्त नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के दृढ़ संकल्प के परिणाम स्वरूप नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है। कभी हिंसा और भय से प्रभावित बस्तर के क्षेत्रों में आज तिरंगा पूरे गौरव के साथ लहरा रहा है। तिरंगा यात्राओं में उमड़ता जनसमर्थन बदलते बस्तर के आत्मविश्वास और नई उम्मीद का प्रतीक है।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर में शांति की स्थापना के साथ विकास की गति भी तेज हुई है। जगदलपुर में राष्ट्रीय स्तर की मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक का आयोजन इस बदलती तस्वीर का प्रमाण है। श्री कश्यप ने कहा कि यह बस्तर के पुनर्निर्माण, संभावनाओं को अवसरों में बदलने और नई पीढ़ी के भविष्य को संवारने का स्वर्णिम दौर है। उन्होंने कहा कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के माध्यम से 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं का लाभ सेचुरेशन मोड में बस्तर संभाग के 39 लाख से अधिक नागरिकों तक पहुंचाया जा रहा है। नक्सल हिंसा के कारण वर्षों से बंद स्कूलों में फिर से पढ़ाई की शुरुआत हुई है और 36 नए स्कूलों को स्वीकृति दी गई है। ओरछा और जगरगुंडा जैसे सुदूर क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। स्वास्थ्य सुविधाओं को अंतिम गांव तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत 34 लाख से अधिक नागरिकों की स्वास्थ्य जांच कर हेल्थ प्रोफाइल तैयार की गई है। करीब 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ की आजीविका उन्नयन योजना तैयार की गई है। नेतानार से प्रारंभ ‘सेवा डेरा’ के माध्यम से नागरिक सुविधाओं, कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा मिल रहा है।
सुरक्षा कैंप अब सेवा केंद्र
सुरक्षा कैंप भी अब सुरक्षा के साथ सेवा और विकास के केंद्र के रूप में नई भूमिका निभा रहे हैं। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर के अंदरूनी क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सड़क, बिजली, संचार और सार्वजनिक परिवहन का विस्तार किया जा रहा है। सौर ऊर्जा से संचालित 461 गांवों को ग्रिड आधारित बिजली व्यवस्था से जोड़ने और 234 अंदरूनी बसाहटों को मुख्य सड़कों से जोड़ने पर काम हो रहा है। ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा’ से बस्तर और सरगुजा के 814 गांवों को सार्वजनिक परिवहन से जोड़ा गया है।
किसानों की आय पर विशेष जोर
सहकारिता मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि किसानों की खुशहाली प्रदेश की समृद्धि का आधार है। सरकार किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीद रही है। कृषक उन्नति योजना की राशि किसानों को एकमुश्त प्रदान की गई है। धान के साथ दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी और रागी जैसी वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने के लिए 15 हजार की आदान सहायता देने का निर्णय लिया गया है। इससे किसानों की आय के नए स्रोत तैयार होंगे और फसल विविधीकरण को गति मिलेगी। ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए प्रदेश के 2,028 पैक्स का कंप्यूटरीकरण किया जा चुका है और इनमें से 1,988 पैक्स कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।

सिंचाई सुविधा का विस्तार
जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश की सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ₹11 हजार करोड़ से अधिक की मंजूरी दी गई है। सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना के लिए 3,047 करोड़ रु. की प्रशासकीय स्वीकृति महत्वपूर्ण कदम है। अटल सिंचाई योजना के माध्यम से वर्षों से बंद पड़ी सिंचाई परियोजनाओं को पुनर्जीवित किया जा रहा है। इंद्रावती नदी पर करीब 2 हजार करोड़ की लागत से मटनार और देउरगांव बैराज बनाए जाएंगे, जिससे लगभग 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा।वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि वनांचल की अर्थव्यवस्था से जुड़े तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के हितों को प्राथमिकता देते हुए 5,500 रु. प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक दिया जा रहा है। संग्राहक परिवारों के लिए चरण पादुका योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है।
खाद्यान्न सुरक्षा से मजबूत हो रहे परिवार
श्री कश्यप ने कहा कि हर जरूरतमंद परिवार के सिर पर पक्की छत उपलब्ध कराने के संकल्प के साथ प्रदेश में अब तक 24 लाख 50 हजार आवासों को स्वीकृति दी जा चुकी है। राज्य में प्रतिदिन औसतन 1,600 आवासों का निर्माण हो रहा है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के माध्यम से प्रदेश के 73 लाख परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। श्री कश्यप ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूती देने वाली महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 19,444 करोड़ की राशि महिलाओं के खातों में पहुंचाई गई है। प्रदेश की 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बनकर आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं।जनजातीय परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना से 56 हजार से अधिक पीवीटीजी परिवारों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। 6,691 जनजातीय बहुल गांवों को धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से जोड़ा गया है। वनाधिकार पत्रों के वारिसों के नामांतरण की प्रक्रिया शुरू करने के साथ पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
युवा शक्ति के लिए नए अवसर
प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि युवाओं को रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल और प्रतियोगी परीक्षाओं में समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। पुलिस में 7 हजार युवाओं की भर्ती की गई है। शिक्षक एवं सहायक शिक्षक के 3,946 पदों तथा बिजली कंपनियों के 1,235 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी की भर्तियों को पारदर्शी बनाने के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया गया है और परीक्षाओं में नकल एवं अनुचित साधनों के विरुद्ध कठोर कानून बनाया गया है। नीट, जेईई, क्लैट, रेलवे, एसएससी, बैंकिंग, पीएससी और यूपीएससी की तैयारी के लिए ‘सीजी असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटिटिव एक्जाम योजना प्रारंभ की जा रही है। सैन्य सेवा पूरी करने वाले प्रदेश के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है। श्री कश्यप ने एआई मिशन, स्टार्ट अप, मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन, निवेश प्रस्ताव, रोजगार आदि पर भी बात रखी।