० किस दुकान से निकला था यह चावल, इस पर सस्पेंस बरकरार
० विभाग की मिलीभगत से चल रहा था खेल?
(अर्जुन झा)जगदलपुर। खाद्य विभाग की टीम द्वारा नगर के अनुपमा चौक स्थित एक व्यापारी के गोदाम से जप्त किए गए पीडीएस के 378 बोरी चावल पर से रहस्य का पर्दा अब भी पड़ा हुआ है। खाद्य विभाग जानबूझ कर पर्दा उठाने से बच रहा है। यह चावल गरीबों के हिस्से का है। चर्चा है कि विभागीय मिलीभगत से इस चावल की हेराफेरी की गई थी।
बरामद चावल में से 88 बोरी चावल सरकारी बोरी में भरे थे और उन बोरियों पर राईस मिलर्स के टैग लगे थे एवं लॉट नंबर अंकित थे। वहीं 290 बोरी चावल प्लास्टिक बोरियों में भरे मिले हैं। जिला खाद्य अधिकारी के उन राशन दुकानों का पता लगाने में अब तक नाकाम साबित हुए हैं, जहां से इस चावल की निकासी हुई है। उक्त लॉट नंबर का चावल किस वेयर हाऊस से किस राशन दुकान में भेजा गया था जिसका विभाग पता नहीं लगा सका है। खबर है कि इस मामले में जिला खाद्य अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। ऐसी चर्चा है कि चावल माफिया से सांठगांठ कर मामले की लीपापोती की जा रही है। विभाग द्वारा हवाला दिया जा रहा है कि मामला कलेक्टर को सौंपा गया है वहां से आदेश मिलने पर आगे जांच और कार्रवाई की जाएगी। खाद्य विभाग की टीम भले ही चावल से भरे ट्रक एवं एक पिकअप को पकड़ने में सफल रही है लेकिन जिला खाद्य अधिकारी चावल माफिया तक पहुंचने में नाकाम साबित हुए हैं। चावल माफिया लंबे समय से सक्रिय हैं, जो पीडीएस का चावल खरीदी कर राईस मिलर्स तक पहुंचाया करते हैं। खबर है कि खाद्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी ऐसे चावल माफियाओं के नाम से भी वाकिफ हैं, लेकिन माफिया से सांठगाठ होने के कारण विभाग उन तक नहीं पहुंच पाई है।
लॉट नंबर से खुलेगा राज
कार्रवाई के दौरान 88 बोरी चावल सरकारी बारदाने में बरामद हुआ है। इन बोरियों में जिले के 5 राईस मिलर्स एवं दो अन्य राईस मिलर्स के टैग लगे हैं। बोरियों में लॉट नंबर भी अंकित है। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि उक्त चावल की किस वेयर हाऊस से किन राशन दुकानों में सप्लाई की गई थी। विभगा इसकी बारिकियों की पड़ताल करे, तो कई राज खुलेंगे और चावल माफिया तक भी विभाग पहुंच सकता है। लेकिन जब मामला “मौसेरे भाई” वाला हो, तो विभाग चावल माफिया तक पहुंचे कैसे? अब तक किसी प्रकार जांच नहीं की गई है। खाद्य विभाग विभाग के जिम्मेदार अधिकारी का कहना है कि कलेक्टर के आदेश पर आगे की जांच की जाएगी। वहीं जिला खाद्य अधिकारी श्री राठौर ने गोल-मोल जवाब देते हुए कहा कि जप्त चावल से राशन दुकान का पता नहीं लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी गई है। उनके आदेश के बाद आगे की जांच की जाएगी।