स्थानीय बोली में अध्यापन कराने शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण

0 एलएलएफ के तहत ट्रेनरों का ट्रेनिंग प्रोग्राम 

0 हल्बी, भतरी और गोंडी बोली के जरिए 990 स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा को सशक्त बनाने की पहल 

जगदलपुर। बहुभाषी शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत बस्तर जिले में 3 से 5 अगस्त तक तीन दिवसीय प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला में बस्तर जिले के 5 ब्लॉक रिसोर्स ग्रुप सदस्य तथा लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन की 24 सदस्यीय आंतरिक टीम सहभागिता कर रही है।
कार्यक्रम के माध्यम से बस्तर जिले के 990 विद्यालयों में हल्बी, भतरी एवं गोंडी भाषाओं के संदर्भ में बहुभाषी शिक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य प्रशिक्षकों की शैक्षणिक समझ एवं प्रशिक्षण क्षमता को मजबूत करना है, ताकि आगामी शिक्षक प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी, सहभागी और कक्षा केंद्रित बनाया जा सके।कार्यशाला में बच्चे कैसे सीखते हैं, द्विभाषी बच्चों के सीखने की प्रक्रिया, बच्चों की मातृभाषा और अधिगम का संबंध, नींव बहुभाषी शिक्षा कार्यक्रम की शैक्षणिक दृष्टि, कक्षा 1 से 3 की लक्षित दक्षताएं, संतुलित भाषा शिक्षण पद्धति तथा संरचित शिक्षा शास्त्र जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जा रही है। प्रतिभागियों को बहुभाषी शिक्षण सामग्री के प्रभावी उपयोग, बच्चों के अधिगम का आकलन, कक्षा अवलोकन तथा समुदाय की सार्थक सहभागिता से संबंधित व्यावहारिक प्रक्रियाओं पर भी समझ विकसित कराई जा रही है। यह पहल बस्तर के बच्चों की घर की भाषाओं को सीखने के संसाधन के रूप में उपयोग करते हुए कक्षा में गुणवत्तापूर्ण, समावेशी एवं प्रभावी शिक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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