० पीएम श्री स्कूल करपावंड में हुई पालक-शिक्षक बैठक
० विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य पर हुआ मंथन
बकावंड। पीएम श्री स्कूल करपावंड में पालक-शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में विद्यार्थियों की शिक्षा, नियमित उपस्थिति, डिजीटल दस्तावेजों की उपलब्धता तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन आदि विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए संस्था के प्राचार्य डीके कश्यप ने कहा कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास तभी संभव है, जब पालक और शिक्षक मिलकर जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि विद्यालय में छात्र सीमित समय तक रहते हैं, जबकि अधिकांश समय घर पर बिताते हैं। ऐसे में अभिभावकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने पालकों से बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, विद्यालय द्वारा भेजे जाने वाले संदेशों पर ध्यान देने तथा अनावश्यक अनुपस्थिति से बचने की अपील की। प्राचार्य ने बताया कि कई बार पालक बच्चों को घरेलू कार्यों में लगाकर विद्यालय नहीं भेजते, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। उन्होंने विषय शिक्षकों और कक्षा शिक्षकों से लगातार संपर्क बनाए रखने तथा बच्चों की शैक्षणिक प्रगति पर नियमित नजर रखने का आग्रह किया। बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इनमें एमबीयू प्रक्रिया, ई-मेल आईडी, अपार आईडी, सरस्वती साइकिल योजना, कक्षा 1 से 10 तक निशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रवृत्ति योजना तथा शैक्षणिक भ्रमण योजना सहित अन्य योजनाएं शामिल हैं। पालकों से आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया ताकि ऑनलाइन प्रक्रियाएं समय पर पूरी की जा सकें। इस दौरान विद्यार्थियों के नाम एवं अन्य शैक्षणिक अभिलेखों में त्रुटियों का समय रहते सुधार कराने पर भी विशेष जोर दिया गया। बैठक में एमबीयू संबंधी जानकारी श्री साहू द्वारा साझा की गई। प्राचार्य ने कहा कि करपावंड का यह विद्यालय विकासखंड का एकमात्र पीएम श्री स्कूल है, जो अंग्रेजी माध्यम की आधुनिक सुविधाओं से युक्त है। उन्होंने पालकों से विद्यालय के विकास में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया। बैठक में प्राथमिक प्रधान पाठक दिव्या शुक्ला, माध्यमिक प्रधान पाठक रश्मि त्रिपाठी, व्याख्याता प्रियंका राव, शिक्षक एरूषा, सहायक शिक्षक नीरज मरावी, अंबिका प्रसाद वर्मा सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में पालक उपस्थित रहे। अंत में विद्यालय परिवार ने पालकों से बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, नियमित रूप से विद्यालय से जुड़े रहने और शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की। विद्यालय प्रबंधन ने विश्वास व्यक्त किया कि पालक और शिक्षक के संयुक्त प्रयासों से विद्यार्थियों का भविष्य और अधिक उज्ज्वल एवं सशक्त बनेगा।